चौपाल. शहरवासियों ने नये प्रतिनिधियों से जतायीं उम्मीदें
जलनिकासी की व्यवस्था पर भी जल्दी पहल की जतायी जरूरत
रफीगंज : प्रभात खबर द्वारा नगर पंचायत रफीगंज में रविवार को चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया. नगर पंचायत के सभी 16 वार्डों में व्याप्त समस्या और निराकरण के साथ-साथ नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से विकास कार्यों की अपेक्षा जैसे विभिन्न मुद्दों पर शहर के लोगों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की. नगरवासियों ने खुल कर अपनी बातें रखी.
किसी ने रफीगंज शहर के पानी के निकासी को बड़ी समस्या बताया, तो किसी ने रफीगंज-शिवगंज पथ के धावा नदी से तिवारी बिगहा तक, बस स्टैंड से मुख्य बाजार, मुरली चौक, महाराजगंज रोड, स्टेशन रोड पर प्रतिदिन घंटो लगनेवाले जाम तथा अतिक्रमण की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताते हुए इस ओर पहल किये जाने की बात कही.
अशोक सिंह ने शहर में शौचालय का अभाव, पेयजल, नाली-गली, सड़क व पार्क जैसी समस्या को रखते हुए वार्ड पार्षदों को इस ओर पहल करने की जरूरत बताया. संतोष कुमार उर्फ मुन्ना बाबू ने कहा कि नगरवासी अतिक्रमण जैसी समस्या से जूझ रहे हैं. शहर की मुख्य सड़क के दोनों किनारे पर ठेला, गुमटी, फल, सब्जी आदि फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है. इसके कारण आम लोगों को पैदल चलने में परेशानी होती है. अमरेंद्र कुमार सिंह उर्फ टुन कुमार ने कहा कि अतिक्रमणकारियों द्वारा सड़क का अतिक्रमण किये जाने की वजह से बस स्टैंड से लेकर बाजार जानेवाली मुख्य सड़क पर गाड़ी तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है.
संतोष कुमार आर्य ने बताया कि रफीगंज शहर की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है. विभिन्न मुहल्लों से नाली द्वारा निकला पानी शहर में ही जमा होता है, इससे आगे का निकास नगर पंचायत द्वारा आज तक नहीं बनाया गया. सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के मौसम में जगह -जगह पर पानी जमा होने से होती है तथा सड़कें पानी में डूब जाती हैं. इसके कारण घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है. बलराम कुमार मिश्र ने कहा कि शहर में नल का जल की व्यवस्था आज तक नहीं की गयी.
वहीं सार्वजनिक शौचालय शहर में नहीं रहने के कारण लोगों को यहां-वहां भटकना पड़ता है. सुनील कुमार द्वीप ने कहा कि शहर में पार्क की व्यवस्था नहीं है. इसके कारण सुबह-शाम शहरवासियों को टहलने में असुविधा होती है. उपस्थित लोगों ने नयी नगर सरकार से उम्मीद लगायी कि इन समस्याओं का समाधान अवश्य हो.
वार्ड सात के अनिल शर्मा ने कहा कि रफीगंज शहर में मात्र एक ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. रफीगंज प्रखंड की 23 पंचायतों व शहर के 16 वार्डों की जनता इस पर निर्भर है. अस्पताल में महिला चिकित्सक पदस्थापित नहीं है. पिछले कई वर्षों से यह पद खाली पड़ा हुआ है, जिसके कारण महिला मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है.
संतन कुमार सिंह उर्फ संत जी का कहना है कि शहर में नाली व गली की सफाई प्राय: नहीं होती है. यही नहीं करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहरवासियों को नल का जल आज तक नसीब नहीं हुआ. शहर के विभिन्न वार्डों में ज्यादातर खारा पानी आता है, जो पीने के योग्य नहीं होता है.नवनिर्वाचित प्रतिनिाधियों को इन समस्याओं पर काम करना होगा.
क्या कहते हैं लोग
सेवानिवृत शिक्षक शिवदास यादव ने रफीगंज शहर में सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग की है. उन्होंने आगे कहा कि बाजार आनेवाले महिला-पुरुषों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. शहर में महिलाओं के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. जरूरत महसूस होने पर शहरवासियों के दरवाजे खटखटाने पर मजबूर हो जाती हैं.
व्यवसायी रामवृक्ष प्रसाद ने कहा कि सभी वार्डों में रोशनी, साफ-सफाई व नगरवासियों के हर सुविधा के पीछे पहल किये जाने को लेकर सुख-सुविधा का विशेष पहल किये जाने को लेकर वार्ड पार्षद का ध्यान आकृष्ट कराया है. नये नगर सरकार में सभी वार्ड पार्षदों को नगर पंचायत के विकास कार्यों को गति देने पर ध्यान केंद्रित कराना चाहिए.
