गरीबी की मार झेल रहा भदासी का एक परिवार

अरवल. गरीबी की मार झेल रहे एक 75 वर्षीय वृद्ध के पास रहने को घर नहीं, बुढ़ापे में सहारा के लिए कोई आय नहीं, बीपीएल सूची में नाम नहीं. इस कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है भदासी पंचायत के भदासी गांव में रहने वाले किशोरी लाल खत्री. सरकार द्वारा सारी सुविधाएं उन्हें नहीं […]

अरवल. गरीबी की मार झेल रहे एक 75 वर्षीय वृद्ध के पास रहने को घर नहीं, बुढ़ापे में सहारा के लिए कोई आय नहीं, बीपीएल सूची में नाम नहीं. इस कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है भदासी पंचायत के भदासी गांव में रहने वाले किशोरी लाल खत्री. सरकार द्वारा सारी सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पातीं, क्योंकि उनका नाम गरीबी रेखा के अंतर्गत दर्ज नहीं है.

विदित हो कि किशोरी लाल खत्री बिल्कुल ही भूमिहीन हैं और इस बरसात में उनका मकान भी गिर गया, जिससे उक्त परिवार के पास सिर छुपाने की जगह भी नहीं है. इस परिवार में वर्तमान समय में दो वृद्ध, दो बच्चे व एक विधवा महिला है.

ऐसी हालत में परिवार का भरण -पोषण करने का दायित्व 75 वर्षीय वृद्ध पर ही निर्भर है. वह मजदूरी भी करना चाहें, तो कोई उन्हें काम तक नहीं देता है कि वह बूढ़ा क्या काम करेगा. ऐसे में उक्त परिवार के पास पेट पालना भी एक बड़ी समस्या है. इस संदर्भ में वृद्ध का कहना है कि हम अपनी समस्या लेकर प्रशासन या जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं, तो वहाे से जवाब मिलता है कि तुम्हारा नाम गरीबी रेखा सूची में नहीं है.

इससे हम आपकी कोई मदद नहीं कर सकते. इस संबंध में पंचायत के मुखिया दिलीप कुमार शर्मा का कहना है कि इस परिवार की मदद पंचायती राज व्यवस्था के अनुरूप ही कर सकते हैं, मगर इनका नाम ही बीपीएल सूची में नहीं है. लेकिन मुखिया द्वारा इस परिवार की माली हालत को देखते हुए बीडीओ के पास इस समस्या को रखा गया है. वहां से जैसा निर्देश मिलेगा, वैसा किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >