लक्ष्य के विरुद्ध 3060 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई

अरवल : जिले में रबी फसल में अब तक लक्ष्य के विरुद्ध महज 3060 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हो सकी है.बताते चलें कि गेहूं फसल की बेहतर उत्पादन के लिए एक नवंबर से 15 नवंबर तक श्रेष्ठ बुआई का समय है . जबकि 15 नवंबर से 31 नवंबर तक द्वितीय स्थान में बुआई का […]

अरवल : जिले में रबी फसल में अब तक लक्ष्य के विरुद्ध महज 3060 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हो सकी है.बताते चलें कि गेहूं फसल की बेहतर उत्पादन के लिए एक नवंबर से 15 नवंबर तक श्रेष्ठ बुआई का समय है . जबकि 15 नवंबर से 31 नवंबर तक द्वितीय स्थान में बुआई का समय है.ऐसा वैज्ञानिकों को कहना है.

कृषि विभाग के मुताबिक जिला में 32888 हेक्टेयर में रबी फसल लगाने का लक्ष्य निर्धारित है. जिसमें गेहूं 17000, मक्का 600,जौ 750, आलू 2200,चना 1600, मसुर 4700,मटर 700,अन्य दलहन 4000, राई सरसों 400,तीसी 738, सूर्यमुखी 200 हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य रखा गया है. लक्ष्य के विरुद्ध अब तक गेहूं 3060,आलू 1800, चना 560,मसूर 2585,अन्य दलहन 3000, हेक्टेयर में बुआई की गयी है.

लक्ष्य पूरा करने में धीमी गति के कारणों में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिला में मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण धान की रोपाई पाछात हुई है. धान फसल विलंब से तैयार हुई है.जिले में धान की कटनी में तेजी आयी है.
जैसे-जैसे खेत खाली हो रहा है वैसे-वैसे किसान रबी फसल की बुआई कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अरवल प्रखंड में गेहूं 152, कलेर में 158, करपी में 1213,कुर्था में 802,बंशी में 735 हेक्टेयर में लक्ष्य निर्धारित है. इधर किसान अपने धान की फसल को तेजी से काट रहे हैं. ताकि समय से रबी फसल की बुआई हो सके.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >