कालाबाजारी की भेंट चढ़ रहा सस्ती दर का अनाज

अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई अरवल : सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश लागू होने के बावजूद अरवल में सस्ते दरों की अनाज से कई गरीब वंचित हैं. अनाज का उठाव तो होता है लेकिन यह सस्ता होने के कारण जनवितरण की दुकान पहुंचने से पहले रास्ते से ही गुम […]

अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई

अरवल : सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश लागू होने के बावजूद अरवल में सस्ते दरों की अनाज से कई गरीब वंचित हैं. अनाज का उठाव तो होता है लेकिन यह सस्ता होने के कारण जनवितरण की दुकान पहुंचने से पहले रास्ते से ही गुम हो जाता है और कालाबाजारियों के गोदाम पहुंच जाता है. अधिकारी इन बातों को खारिज करते हुए कहते हैं कि जहां भी गड़बड़ी देखी जाती है तुरंत कार्रवाई की जाती है. यहां तक कि उनके लाइसेंस को भी रद्द कर दिया जाता है.
जांच के नाम पर लटक जाते हैं मामले: गरीब का अनाज गरीबों को मिले, इसके लिए सरकार ने पंचायत स्तर पर निगरानी समिति का गठन कर रखा है लेकिन समिति के लोग ही डीलरों से मिल जाते हैं. लाभुक अधिकारियों से शिकायत करते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. अनुश्रवण समिति और 20 सूत्री की बैठक में भी जनवितरण का मुद्दा ही छाया रहता है. इन बैठकों में व्यवस्था सुधारने की बात की जाती है लेकिन बाद में कुछ नहीं होता.
कहते हैं लाभुक: सदर प्रखंड अंतर्गत भदासी पंचायत के लाभुक झलिया देवी ने बताया कि किसी माह में अनाज मिलता है किसी माह में नहीं. डीलर हड़ताल का बहाना बना देते हैं. उस पर नाप कम तथा घटिया अनाज देते हैं. वहीं नगर पर्षद की कंचनमाला, पुष्पा देवी, सुनीता देवी, पूनम देवी ने बताया कि हम लोग अत्यंत गरीब हैं फिर भी कई बार आवेदन देने के बाद भी हम लोगों को राशन की राशन नहीं मिलता है. वहीं फखरपुर पंचायत के लाभुक सोना देवी का कहना है कि अमीरों को यह सुविधा मिल रही है और गरीब वंचित हैं. सकरी पंचायत की सुशीला देवी का कहना है कि अनाज तो दूर केरोसिन भी नहीं मिलता है
और न ही खाद्य सुरक्षा योजना का कार्ड ही मिला है. वहीं वलीदाद पंचायत के मो तस्लीम का कहना है कि अनाज वजन में कम होता है. जनवितरण विक्रेता और पैक्स अध्यक्ष बताते हैं कि खाद्यान्न उठाव के समय ही बोरी में अनाज कम रहता है. कभी-कभी उसकी अनाज की गुणवत्ता खराब रहने के कारण लाभुकों के गुस्सा का सामना करना पड़ता है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि जिले की 66 पंचायतों में 377 जनवितरण प्रणाली की दुकानें हैं, जिसमें 327 जनवितरण तथा 50 पैक्स के माध्यम से संचालित है. खाद्य सुरक्षा मद के लाभुक 72000 तथा अंत्योदय मद में 18157 लाभुक हैं, जिन्हें शत-प्रतिशत खाद्यान्न प्रत्येक माह उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने बताया कि जो भी गरीब परिवार कार्ड से वंचित हैं. उसे जल्द ही कार्ड उपलब्ध करा दिया जायेगा.

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