वैज्ञानिक तरीके से कृषि करने से कम लागत में होगा अधिक उत्पादन

अरवल : खरीफ महाभियान महोत्सव के तहत सदर प्रखंड में प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन किसान भूषण रामजन्म सिंह और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि अनुसंधान केंद्र लोदीपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ एके दास ने कहा कि किसान […]

अरवल : खरीफ महाभियान महोत्सव के तहत सदर प्रखंड में प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन किसान भूषण रामजन्म सिंह और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि अनुसंधान केंद्र लोदीपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ एके दास ने कहा कि किसान कृषि को उद्योग के रूप में लें, तभी किसान का आर्थिक विकास होगा. अभी किसान कृषि को सिर्फ एक वर्ष तक खाने के लिए अनाज उपजाने का माध्यम समझ रहे हैं, जो उचित नहीं है. विज्ञान ने अगर तरक्की की है तो वह किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं है.

कृषि क्षेत्र में भी विज्ञान काफी आगे बढ़ा है. कम लागत में अच्छी उपज की गारंटी कृषि विज्ञान भी दे रहा है. आवश्यकता है कि किसान इसकी जानकारी प्राप्त करें और उसे अपनाएं. उससे किसानों के बीच खुशहाली आयेगी तो पूरा देश खुशहाल होग. सरकार इसके बारे में जोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रही है, लेकिन कुछ लोग ही वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं. कृषि वैज्ञानिक ने कहा अभी धान रोपनी का समय आ रहा है. किसान धान रोपते हैं, लेकिन पुरानी पद्धति से. इससे लागत अधिक और उत्पादन कम होता है.

अगर इसी धान को श्री विधि के माध्यम से जीरो टिलेज एवं सीड ड्रिल का उपयोग कर धान को पंक्ति में रोपा जाये तो इससे कम लागत में अधिक उत्पादन होना निश्चित है. एक अन्य कृषि वैज्ञानिक डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि लोगों की धारणा बन गयी है कि जितना उर्वरक का प्रयोग करेंगे, फसल उतनी ही अधिक होगी. इस धरणा को बदलना होगा. ज्यादा उर्वरक के प्रयोग से क्षणिक लाभ तो होगा, लेकिन आगे चलकर यह नुकसानदायक हो जाता है. भूमि की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है. इसलिए हम किसानों से आह्वान करते हैं कि ज्यादा उर्वरक के प्रयोग से परहेज करें और जैविक खाद का प्रयोग करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है. साथ ही जैविक खाद की उपयोग से पैदा होने वाले अनाज की पौष्टिकता अधिक होती है. कार्यक्रम में कृषि समन्वयक जयप्रकाश, विजय सिंह, सूबेदार सिंह सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >