Arrah News: भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी के जलस्तर में बुधवार को दर्ज की गई गिरावट से बाढ़ प्रभावित तटीय इलाकों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. पिछले 24 घंटों के दौरान गंगा के जलस्तर में लगभग 25 सेंटीमीटर की कमी आई है.
मंगलवार शाम जहां जलस्तर लगभग 53.50 मीटर के स्तर पर पहुंच गया था, वहीं बुधवार सुबह 10 बजे यह घटकर 53.27 मीटर और दोपहर तक 53.25 मीटर पर दर्ज किया गया. हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
खतरे के निशान (53.08 मीटर) से 17 सेमी ऊपर बह रही है नदी
जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता (JE) आशीष कुमार रंजन ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया:
- बुधवार को बड़हरा में गंगा का जलस्तर 53.25 मीटर रिकॉर्ड किया गया है.
- नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान यानी 53.08 मीटर से करीब 17 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है.
- वर्तमान में जलस्तर में लगातार गिरावट की प्रवृत्ति (Falling Trend) बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में इसमें और कमी आने की प्रबल संभावना है. यदि जलस्तर में गिरावट का यह क्रम जारी रहा, तो बड़हरा के दियारा और तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति में तेजी से सुधार होगा.
बधार और ग्रामीण सड़कों पर अब भी जलभराव, फसलों के नुकसान की चिंता
नदी के जलस्तर में कमी आने से तटवर्ती गांवों के घरों में पानी घुसने का खतरा तो टल रहा है, लेकिन खेतों और संपर्क मार्गों पर अभी भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है:
- प्रभावित गांव: मोहन करजा, बड़का लौहर, नेकनाम टोला, बखोरापुर, दुबे छपरा, हाजीपुर, शिवपुर, गुंडी और छोटका ईटहना सहित दर्जनों गांवों के बधार (खेत) पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं.
- फसलों पर संकट: खेतों में कई दिनों से पानी भरे रहने के कारण खरीफ की फसलों, विशेषकर धान और चारे की बर्बादी की गंभीर आशंका बनी हुई है.
- ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो जल्द ही ग्रामीण रास्तों से पानी हट जाएगा और जनजीवन सामान्य पटरी पर लौट सकेगा.
