भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रमुख व्यापारिक शहर जोगबनी के ऐतिहासिक जोगबनी उच्च विद्यालय खेल मैदान की दुर्दशा और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है. मैदान के जीर्णोद्धार, मिट्टी भराव और समतलीकरण की मांग को लेकर सामाजिक संगठन 'युवा प्रगति मंच' की एक आपात एवं अहम बैठक आयोजित की गई.
बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पूरे जोगबनी नगर परिषद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में यह एकमात्र सार्वजनिक मैदान है, जहां युवा अपनी शारीरिक दक्षता और खेल प्रतिभा को निखारते हैं. लंबे समय से रखरखाव के अभाव में यह मैदान अब गड्ढों और दलदल में तब्दील हो चुका है.
सेना व पुलिस भर्ती की तैयारी का इकलौता केंद्र, लेकिन हालात बदतर
मैदान की वर्तमान स्थिति और युवाओं की दिक्कतों का सिलसिलेवार ब्यौरा:
- दैनिक अभ्यास प्रभावित: जोगबनी, मीरगंज, टिकुलिया और सीमावर्ती गांवों के दर्जनों युवा प्रतिदिन सुबह-शाम यहां 1600 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप और अन्य फिजिकल टेस्ट की तैयारी के लिए पहुंचते हैं.
- चोटिल होने का डर: मैदान में बड़े-बड़े गड्ढे, नुकीले पत्थर और जलजमाव होने के कारण दौड़ने वाले धावकों के पैर मुड़ने और गंभीर चोट लगने का खतरा हर वक्त बना रहता है.
- मॉर्निंग वॉकर्स की मजबूरी: नगर परिषद क्षेत्र में कोई दूसरा पार्क या खुला मैदान न होने के कारण बुजुर्ग और आम नागरिक भी इसी बदहाल मैदान में टहलने को मजबूर हैं.
'युवा प्रगति मंच' की प्रमुख मांगें एवं प्रस्ताव
| मांग बिंदु | वर्तमान समस्या | समाधान का प्रस्ताव |
| मिट्टी भराव (Land Filling) | निचले हिस्सों में वर्षा का पानी व कीचड़ जमा रहना | मैदान के सभी गड्ढों में अविलंब उच्च गुणवत्ता वाली मिट्टी का भराव |
| समतलीकरण (Leveling) | ऊबड़-खाबड़ ट्रैक, जिससे दौड़ने में संतुलन बिगड़ता है | रोलर चलाकर 400 मीटर का मानक रनिंग ट्रैक तैयार करना |
| जल निकासी (Drainage) | बरसात में महीनों तक पानी जमा रहना | मैदान के चारों ओर पक्की नाली बनाकर मुख्य नाले से जोड़ना |
| सौंदर्यीकरण व सुरक्षा | आवारा पशुओं का प्रवेश व गंदगी का अंबार | चहारदीवारी की मरम्मत, पौधरोपण व हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था |
'संसाधनों के अभाव में देश सेवा का जज्बा न टूटे'
बैठक को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र विश्वास ने कहा कि सीमांचल के युवाओं में देश सेवा और वर्दी पहनने का अपार जज्बा है. जोगबनी हाई स्कूल का मैदान ही उनके सपनों की इकलौती जमीन है. अगर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने समय रहते यहां मिट्टी भराई और समतलीकरण नहीं कराया, तो दर्जनों युवाओं का करियर बर्बाद हो जाएगा.
वहीं मंच के सचिव शिवाजी झा ने कहा:
"प्रधानमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इस विकसित राष्ट्र की रीढ़ हमारे सशक्त व शारीरिक रूप से सक्षम युवा होंगे. जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र जैसे घनी आबादी वाले इलाके में एक अदद खेल मैदान न होना शर्मनाक है. प्रशासन अविलंब इस मैदान का जीर्णोद्धार करे."
बैठक में ये रहे मौजूद
युवा प्रगति मंच के इस अभियान को स्थानीय बुद्धिजीवियों और खेल प्रेमियों का भारी समर्थन मिला. बैठक में मुख्य रूप से मंटू भगत, विकास गोयल, मनीष झा, सुमित अग्रवाल, सौरव रावत, सोनू कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धावक, खिलाड़ी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. सभी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो युवा चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
