-20-पप्रतिनिधि, अररिया जिले में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण संबंधी उपायों की मजबूती के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सभी सीएचओ ने भाग लिया. वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप, डीआइओ सह एसीएमओ डॉ मोईज, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोर्डिनेटर दिलीप कुमार, डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार, वीबीडीसीओ राम कुमार, डीपीसी राकेश कुमार सहित अन्य विभाग अधिकारियों ने भाग लिया. सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण में सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों का क्षमतावर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित बीमारियां का प्रसार मुख्य रूप से मच्छर व मक्खी के कारण होता है. इससे बचाव के लिए उन्होंने सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ेगी, इससे समुदाय को इसके प्रति बेहतर तरीके से जागरूक करने व समय पर रोगों की पहचान व निदान संबंधी उपायों को मजबूती मिलेगी.
स्वच्छता संबंधी आदतें व मच्छरों से बचाव जरूरी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समय पर रोग की पहचान, त्वरित जांच व उपचार जरूरी है. इससे बचाव के लिये समुदाय स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित किया जाना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में जल जमाव, जागरूकता की कमी, समय पर उचित सेवा नहीं मिल पाना वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण चुनौती है. सामूहिक प्रयास से ही इसका हल निकाला जा सकता है. इसके लिए स्वच्छता संबंधी आदतों व मच्छरों से बचाव संबंधी उपायों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करना जरूरी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
