सीमा पर तस्करी, स्थानीय समस्या व भारत-नेपाल रिश्तों पर होगी खास समीक्षा

सात जिलों के डीएम, एसपी व एसएसबी के उच्चाधिकारियों से गृहमंत्री कल करेंगे बैठक

25 फरवरी को किशनगंज, 26 फरवरी को अररिया व 27 फरवरी को पूर्णिया में रहेंगे अमित शाह

गृहमंत्री के साथ केंद्रीय गृह सचिव व खुफिया विभाग के बड़े अधिकारी भी रहेंगे जिले में मौजूद

मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया. गृहमंत्री अमित शाह का अररिया दौरा अब पूरी तरह से तय दिख रहा है. हालांकि अब तक प्रशासनिक तौर पर कुछ भी बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी गृहमंत्री के आगमन को लेकर पूरी तरह से तैयार दिख रहे हैं. अररिया में गृहमंत्री का आगमन भारत-नेपाल सीमा के संवेदनशील मुद्दों पर ही बात करने के लिए होगा. वे अंतरराष्ट्रीय संबंध, आतंकवाद, तस्करी व घुसपैठ जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाने पर बातचीत करेंगे. इसके लिए बिहार के 700 किलोमीटर की सीमा से जुड़े सात जिलों के डीएम, एसपी, एसएसबी के उच्चाधिकारियों व खुफिया विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ वे दो चरणों में बैठक भी करेंगे. सूत्रों की मानें, तो गृहमंत्री के साथ केंद्रीय गृह सचिव व खुफिया विभाग के वरीय अधिकारी भी आयेंगे. उनसे वे खास बातचीत व सीमा पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी लेंगे. गृहमंत्री के आगमन को लेकर सीमा पर एसएसबी की जांच भी तेज हो गयी है, एसएसबी सीसीटीवी व कैमरे के माध्यम से भी लोगों की जांच कर रहे हैं.

सात जिलों के डीएम-एसपी करेंगे शिरकत

भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के सात जिलों पश्चिम पंचारण, मोतीहारी, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया व किशनगंज के डीएम, एसपी, एसएसबी के वरीय अधिकारी व खुफिया विभाग से जुटे अधिकारियों की एक बैठक अररिया समाहरणालय में दोपहर बाद की जायेगी. सूत्रों की मानें, तो इस दौरान गृहमंत्री का भोजनवकाश भी वहीं होगा.

25 को किशनगंज, तो 26 को पूर्णिया में होगा गृहमंत्री का रात्रि विश्राम

गृहमंत्री 25 फरवरी को किशनगंज में बीएसएफ व एसएसबी के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद वे रात में एमजीएम मैडिकल कॉलेज में विश्राम करेंगे. 26 फरवरी को 11 बजे वे अररिया जिले के लेटी में हेलीकाप्टर के माध्यम से पहुंचेंगे, इसके बाद वे 25 मिनट तक वहां रुकेंगे, इसके बाद वे हेलीकाॅप्टर से सीधे अररिया के नव निर्मित पुलिस लाइन पहुंचेंगे, जहां से सड़क के माध्यम से वे समाहरणालय पहुंचेंगे. समाहरणालय में बैठक के बाद वे पुन: पूर्णिया के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम होगा.

जोगबनी के बाद जिले में एक ओर कस्टम कार्यालय खोला जाना जरूरी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन के साथ हीं एक बार पुन: अररिया जिले के जोगबनी के बाद एक ओर कस्टम कार्यालय खोले जाने की मांग तेज हो गयी है. जोगबनी के बाद कुआड़ी सीमा पर एक कस्टम कार्यालय खोले जाने की मांग लोगों ने सांसद प्रदीप कुमार सिंह के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की है. कुआड़ी निवासी युवा व्यवसायी सरदार गोरव सिंह, राहुल साह, रबिंद्र मंडल, आलोक कुमार गुप्ता, शशिभूषण राय, मंजीत सिंह, प्रेमजीत सिंह, पूर्व सरपंच शियाराम यादव, हेमंत प्रसाद गुप्ता, सिकटी निवासी पैक्स अध्यक्ष भवेश कुमार राय सहित अन्य ने कहा कि अररिया जिले में लगभग 85 किलोमीटर की सीमा नेपाल से सटी हुई है, भारत व नेपाल के बीच बेटी-रोटी का संबंध हैं, इनके नाते रिश्तेदार दोनों देश के सीमावर्ती जिलों में हैं, लेकिन एसएसबी की कड़ी निगरानी के कारण चार चक्का वाहनों को नेपाल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, अगर भारतीय क्षेत्र से चार चक्का वाहन जायेंगे तो उन्हें जोगबनी जाना मजबूरी हो जाता है, साथ हीं सामान के अदान-प्रदान में भी कई परेशानी आती है. लोगों को बहुत लंबी दूरी तय कर जोगबनी जाना पड़ता है, लंबी दूरी होने के कारण कस्टम शुल्क बचाने के नियत से तस्करी भी होती है. इसलिए कुआड़ी जो भारत व नेपाल की बहुत पुरानी सीमा है, वहां कस्टम कार्यालय खोला जाना बेहद जरूरी है. हालांकि सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि गृहमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से प्रशासनिक व सीमा सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, अगर उनसे मुलाकात होगी तो निश्चित ही यह मांग उन तक पहुंचायी जायेगी.

नेपाल चुनाव से कुछ दिनों पहले गृहमंत्री के दौरे से नेपाल में भी राजनीति गरमायी.

नेपाल में पांच मार्च को लोकसभा का चुनाव प्रस्तावित है, इस समय नेपाल में राजनीति पूरी तरह से गरमायी हुई है, नेपाल के अपदस्त प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी, काठमांडू के 15 वें मेयर रह चुके बलेंद्र साह उर्फ बालेन साह को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर चुके आरसीपी(राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) व एकीकृत माक्सवादी लेनिनवादी(सीएन-यू) के बीच चुनावी जंग जारी है. ऐसे में चुनाव से सात दिन पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दौरा अहम माना जा रहा है. नेपाल में भारत समर्थित दलों की वापसी की चाहत भारत में भी हो रही है.

गृहमंत्री के सीमांचल दौरे पर सबकी निगाहें

यह पहला मौका है जब केंद्रीय गृहमंत्री तीन दिनों तक सीमांचल में रहेंगे. दरअसल, यह बिहार का सीमाई इलाका है. सीमांचल क्षेत्र बांग्लादेश व नेपाल की सीमा से सटा हुआ है. इसके बगल में चिकन नेक का भी इलाका है. इसलिए देश की सामरिक सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री की सीमांचल का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारी सुरक्षा के मद्देनजर हर स्तर से निरीक्षण कर रहे हैं.

सुरक्षा एजेंसी सक्रिय, हाइटेक कैमरे से हो रही निगरानी

कुर्साकांटा. सिकटी प्रखंड के एसएसबी 52वीं बीओपी लेटी में प्रशासनिक भवन का उदघाटन में गृहमंत्री के आगमन को लेकर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था है. सुरक्षा एजेंसी सक्रिय है. सड़क मार्ग से गुजर रहे सभी वाहनों का सघन जांच के साथ आई कार्ड, आधार कार्ड का सघनता से जांच किया जा रहा है. मुख्य सड़क समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली सड़कों, एसएसबी चेक पोस्ट से निकलने वाली नेपाल की ओर जाने वाली मुख्य सड़क समेत पगडंडियों पर भी हाइटेक कैमरे के साथ सघन निगरानी की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 100 से भी अधिक अतिरिक्त जवानों को लगाया गया है.

सिकटी प्रतिनिधि के अनुसार,

केंद्रीय गृहमंत्री के दौरा को लेकर सारी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री लेटी में मात्र 25 मिनट के लिए रुकेंगे. सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंगलवार को डीएम बिनोद दुहन, एसपी जितेंद्र कुमार, एसडीपीओ सुशील कुमार, एसडीएम बलबीर दास, एसएसबी के सीमांत मुख्यालय पटना के आईजी निशिद उज्जवल, पूर्णिया क्षेत्रीय मुख्यालय के डीआईजी राजेश टिक्कू, कमाडेंट महेंद्र प्रताप सहित एसएसबी व प्रशासनिक स्तर के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई. इस अहम बैठक में सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित हर बिंदुओं पर बारीकी से चर्चा की गई. गृहमंत्री के आगमन को लेकर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर ऑपरेशन अलर्ट जारी है. एसएसबी के 56 वीं व 52 वीं बटालियन के अधिकारियों सहित पुलिस के अपने जवान कई स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं.

सीमा सुरक्षा व घुसपैठ पर बड़ा फैसला संभव

अररिया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगामी 25 फरवरी से तीन दिनों तक बिहार के दौरा पर रहेंगे. इस क्रम में वे राज्य के सीमावर्ती जिले अररिया, किशनगंज, पूर्णिया का दौरा करेंगे. गृहमंत्री का तीन दिवसीय सीमांचल दौरा सुरक्षा व सीमा प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिला में गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरा को लेकर जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल है. प्रस्तावित दौरा को सफल बनाने के लिये युद्धस्तर पर प्रशासनिक तैयारियां की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक इस क्रम में उनका मुख्य फोकस भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, आतंकवाद, तस्करी व घुसपैठ जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाने से जुड़ा होगा. गृहमंत्री की आईबी, एसएसबी व जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री नेपाल सीमा से सटे चयनित वाइब्रेंट विलेज का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे. इन गांवों में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति व बुनियादी ढांचे की स्थिति पर चर्चा संभावित है. चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर भी अहम निर्णय संभावित है. यह संकरा गलियारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ता है व इसकी सुरक्षा केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शुमार है.

दो घंटों की होगी समीक्षा बैठक

अधिकारियों के साथ दो घंटों तक गृहमंत्री की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है. किशनगंज में ही उनका रात्रि विश्राम का कार्यक्रम प्रस्तावित है. गुरुवार 26 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह सुबह 11 बजे अररिया के सीमा चौकी लेटी के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे. 26 फरवरी की शाम वे पूर्णिया लौटेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम होना है. वहीं 27 फरवरी शुक्रवार को भाारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों की अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे. 27 फरवरी के ही उनके दिल्ली वापसी का कार्यक्रम प्रस्तावित है.

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