फारबिसगंज-नरपतगंज मुख्य मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 (NH-27) के रामपुर ओवरब्रिज के नीचे लंबे समय से पसरे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को अनुमंडल प्रशासन ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की. अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभय कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) पंकज कुमार के संयुक्त नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल ने अभियान चलाकर ओवरब्रिज के नीचे के पूरे इलाके को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा दिया.
अचानक हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई से अवैध रूप से सड़क किनारे कब्जा जमाकर व्यापार करने वालों में हड़कंप मच गया. प्रशासन ने मौके पर जेसीबी और पुलिस बल की मदद से सभी अस्थायी दुकानों, बांस-बल्ले के ढांचों और गुमटियों को हटवा दिया.
जाम और हादसों का सबब बन गया था अवैध बाजार
रामपुर ओवरब्रिज के नीचे की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई की मुख्य वजहें:
- दैनिक जाम से जूझते थे लोग: एनएच-27 जैसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरब्रिज के नीचे दोनों तरफ फल, चाय-नाश्ते की गुमटियां और फुटपाथी दुकानें सज जाने के कारण वाहनों के मुड़ने की जगह संकरी हो गई थी, जिससे दिन भर भीषण जाम लगा रहता था.
- राहगीरों व चालकों की परेशानी: स्थानीय राहगीरों, एंबुलेंस और भारी-हल्के वाहनों को आवागमन में भारी असुविधा होती थी. आए दिन यहां छोटी-मोटी दुर्घटनाएं घटित हो रही थीं.
- लगातार मिल रही थीं शिकायतें: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और वाहन चालकों ने अनुमंडल प्रशासन से ओवरब्रिज के नीचे हो रहे अवैध कब्जे की लिखित व मौखिक शिकायतें की थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया.
अतिक्रमण हटाओ अभियान: प्रमुख विवरण एवं प्रशासनिक टीम
| विवरण घटक | तथ्य / आधिकारिक रिकॉर्ड |
| कार्रवाई स्थल | रामपुर ओवरब्रिज के नीचे, NH-27 (फारबिसगंज-नरपतगंज मार्ग) |
| नेतृत्वकर्ता अधिकारी | एसडीओ अभय कुमार एवं एसडीपीओ पंकज कुमार |
| पुलिस टीम | फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार, कनीय पुलिस पदाधिकारी व सशस्त्र बल |
| हटाए गए अतिक्रमण | अवैध रूप से स्थापित गुमटियां, ठेले, खोमचे व अस्थायी दुकानें |
| कार्रवाई का उद्देश्य | एनएच-27 पर सुगम यातायात, जाम मुक्ति और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना |
'दोबारा कब्जा किया तो दर्ज होगी प्राथमिकी': अधिकारियों की सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी अभय कुमार और एसडीपीओ पंकज कुमार ने दुकानदारों व स्थानीय लोगों को दो-टूक हिदायत दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग और ओवरब्रिज के नीचे किसी भी सूरत में दोबारा दुकानें न सजाई जाएं. यदि भविष्य में फिर से गुमटी रखकर रास्ता अवरुद्ध किया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और यातायात नियमों के उल्लंघन के तहत नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कार्रवाई के दौरान फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार के साथ स्थानीय थाने के कई अवर निरीक्षक, कनीय पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे. अभियान के बाद रामपुर ओवरब्रिज के नीचे का यातायात पूरी तरह सामान्य और सुगम हो गया है.
