अररिया-पूर्णिया बॉर्डर पर आस्था का चमत्कार, करियात कैंप में बालाजी की स्थापना के बाद थम गए सड़क हादसे, बना ‘जीरो एक्सीडेंट जोन’

Purnia Border Balaji Mandir: अररिया-पूर्णिया फोरलेन का वह डेंजर जोन, जहां हर हफ्ते खूनी सड़क हादसे होते थे, आज वहां आस्था का ऐसा चमत्कार हुआ है कि पूरा इलाका भक्तिमय हो गया है. बालाजी महाराज के विराजते ही इस बदनाम स्पॉट की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है.

Purnia Border Balaji Mandir: अररिया से राहुल कुमार सिंह की रिपोर्ट: अररिया-पूर्णिया फोरलेन एनएच-27 पर जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर स्थित करियात सीमा कैंप की पहचान अब पूरी तरह बदल चुकी है. कभी आए दिन होने वाली भीषण सड़क दुर्घटनाओं के लिए बदनाम यह जगह, आज ‘श्री बालाजी धाम’ के रूप में नई पहचान बना चुकी है. बीते 25 अप्रैल 2026 को हनुमान जी के बालाजी स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से, यानी पूरे एक महीने में, यहां एक भी सड़क हादसा नहीं हुआ है और यह इलाका ‘जीरो एक्सीडेंट जोन’ बन गया है.

एक अधिकारी के संकल्प और जन-सहयोग से खड़ा हुआ भव्य मंदिर

इस मंदिर के निर्माण के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी जुड़ी है. अररिया में कार्यरत एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का सरकारी वाहन एक दिन जांच-पड़ताल से लौटने के दौरान इसी करियात कैंप के पास अचानक खराब हो गया. घंटों की मशक्कत के बाद जब गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, तो अधिकारी ने ईश्वर का ध्यान किया. चमत्कारिक रूप से प्रार्थना के कुछ ही देर बाद वाहन ठीक हो गया. उसी पल अधिकारी ने संकल्प लिया कि वे इस वीरान और हादसों वाली जमीन पर बजरंगबली की स्थापना करेंगे. जब उनके इस प्रण की जानकारी स्थानीय मुखिया, सरपंच और आम जनता को हुई, तो हर समुदाय के लोगों ने आगे बढ़कर मंदिर निर्माण के लिए चंदा देना शुरू कर दिया.

जयपुर से आई संगमरमर की प्रतिमा, भव्य आयोजन में हुई प्राण प्रतिष्ठा

देखते ही देखते करियात कैंप की खाली सरकारी जमीन पर एक खूबसूरत मंदिर का आकार तैयार हो गया. मंदिर के लिए विशेष रूप से जयपुर से संगमरमर की मनोहारी बालाजी प्रतिमा मंगवाई गई. 25 अप्रैल 2026 को उसी अधिकारी के कर-कमलों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई. इस भव्य धार्मिक आयोजन में महलगांव थाना के अपर थानाध्यक्ष, महिला एसआई, करियात कैंप के अधिकारी, जवान, चौकीदार और आस-पास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने.

“जीरो एक्सीडेंट जोन” बना डेंजर स्पॉट, कैंप के जवानों ने ली राहत की सांस

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले इस मोड़ पर तेज रफ्तार और रात के धुंध के कारण ट्रक और बाइकों की भिड़ंत होना आम बात थी. हर हफ्ते यहां चीख-पुकार मचती थी. लेकिन 25 अप्रैल से लेकर आज 25 मई 2026 तक, पूरे एक महीने में बालाजी महाराज की कृपा से एक भी दुर्घटना दर्ज नहीं हुई है. कैंप में तैनात सुरक्षा जवानों ने भी राहत की सांस लेते हुए कहा कि पहले शाम होते ही दुर्घटनाओं के डर से ड्यूटी के दौरान यहां-वहां भागना पड़ता था, लेकिन अब हाईवे पूरी तरह शांत और सुरक्षित रहता है.

एक महीना पूरा होने पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, हर गाड़ी टेक रही माथा

प्राण प्रतिष्ठा के ठीक एक महीना पूरा होने पर, 25 मई 2026 को मंदिर में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा. अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जिले के दूर-दराज इलाकों से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. मंदिर में अब हर मंगलवार और शनिवार को विशेष श्रृंगार, महाआरती और भंडारे (महाभोग) का आयोजन शुरू हो गया है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग शामिल हो रहे हैं. अब एनएच-27 से गुजरने वाला हर वाहन चालक मंदिर के सामने अपनी गाड़ी रोककर दानपेटी में दान देने के साथ ही सुरक्षित सफर के लिए शीश झुकाना नहीं भूलता.

Also Read: बारूद से बहार तक, 59 साल बाद कितनी बदल गई नक्सलवाद को जन्म देने वाली ‘नक्सलबाड़ी’ की धरती

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >