राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र की जनता बेहाल

प्रखंड में राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी है.

आवश्यक प्रमाण पत्रों व राजस्व कार्यों के लिए भटक रहे लोग, प्रतिनिधि, भरगामा. प्रखंड में राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी है. इससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राजस्व कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा. जिससे जमीन से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया व प्रमाण पत्र जारी करने का काम ठप हो गया है. बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर चार मार्च से जारी इस हड़ताल का प्रमुख कारण 17 सूत्रीय मांगें हैं. इनमें गृह जिले में नियुक्ति व ग्रेड पे 28 (स) की मांग मुख्य रूप से शामिल हैं. हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले भी अपनी मांगों को लेकर सरकार से कई बार अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. मंगलवार को रोज की तरह सुबह 10 बजे प्रखंड कार्यालय तो खुला, लेकिन राजस्व विभाग के कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण आवश्यक सेवाएं बाधित रहीं. हालांकि, बीडीओ शशिभूषण सुमन व सीओ निरंजन कुमार मिश्र अन्य कर्मियों के साथ अपने कार्यों का निष्पादन करते दिखें. राजस्व से जुड़े कार्यों की पूर्ण रूप से ठप रहने से आम जनता को निराशा हाथ लगी. हड़ताल के चलते म्यूटेशन, भू-मापी, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जमाबंदी सुधार जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं. प्रखंड कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों को बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा. दूर-दराज से आए लोगों ने शिकायत की कि सरकारी कामकाज ठप होने के कारण उन्हें मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. हड़ताल के कारण कार्यों में हो रही देरी से लोग नाराज हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAUSHAN BHAGAT

RAUSHAN BHAGAT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >