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नौकरी के नाम पर एनजीओ चला रहा था वसूली का खेल, एक महिला सहित पांच हिरासत में...

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सांकेतिक फोटो
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नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों से वसूली करने की शिकायत पर बनमनखी थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु आइपीएस अभिनव धीमान के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गयी है. प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी धीमान ने कांग्रेस छात्र संगठन से जुड़े आरजू हक के द्वारा की गयी शिकायत पर रविवार दोपहर को बनमनखी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती सिनेमा हॉल के समीप एक निजी मकान में छापेमारी कर कथित एनजीओ के पांच सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया.

हिरासत में लिए गये एनजीओ के सदस्यों को बनमनखी थाना में पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है. बताया जाता है कि प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी सह बनमनखी थाना अध्यक्ष को विभिन्न छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेताओं द्वारा सूचना दिया गया था कि सरस्वती टॉकीज के समीप एक मकान के कमरे में पटना से संचालित दलित सहयोग परिवार नामक एक संस्था के कुछ सदस्यों के द्वारा सैकड़ों लोगों को बुलाया गया है. लोगों को शिक्षक नियुक्ति के नाम पर बुलाकर पैसा की वसूली की जा रही थी. इस सूचना को प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी धीमान ने गंभीरता से लिया और तत्काल छापेमारी के लिए एक पुलिस टीम का गठन कर घटना स्थल पर भेजा गया.

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि एक मकान के छत पर लगाये गये टेंट में एक सौ से अधिक लोगों को कुछ लोग प्रशिक्षण दे रहे हैं. गठित पुलिस टीम सभी को वहां से निकाला और संस्था के जिला अध्यक्ष जवाहर पासवान, पटना के निकेश कुमार लाल, दीपक कुमार विद्यार्थी, मनोज कुमार दास, अनुराधा कुमारी समेत पांच लोगों को हिरासत में लेते हुए बनमनखी थाना ले जाया गया. इधर बनमनखी थाना में थाना अध्यक्ष सह प्रशुक्षु आइपीएस अभिनव धिमाल के द्वारा इनसे पूछताछ की जा रही है तथा संस्था से जुड़े तमाम दस्तावेज को खंगला जा रहा है.

प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आये बनमनखी अनुमंडल के विभिन्न पंचायत से आये आरजू हक, श्याम कुमार, गुंजन कुमारी, आनंद कुमार कजुर, मनोज कुमार यादव, विमल टुड्डू ने बताया कि उनसे कहा गया था कि संस्था सरकार के द्वारा चलायी जा रही है और प्रशिक्षण के बाद 5200 रुपये की नौकरी दी जायेगी. उन्हें यह भी कहा गया था कि सभी को गरीब बच्चों को पढ़ाना है और जगह-जगह संस्था केंद्र भी खोलेगी. बताया कि इस नौकरी के लिए किसी से 250 तो किसी से 500 रुपये भी लिए गये हैं. उन्हें लगा कि प्रति माह पैसा मिलेगा तो वे लोग झांसे में आ गये और यहां फंस गये.

नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से पैसा नहीं लिया गया है. संस्था के स्थानीय जिला अध्यक्ष जवाहर पासवान द्वारा पैसा लिया होगा तो उन्हें इसकी सही जानकारी नहीं है. वे लोगों को शिक्षक का प्रशिक्षण दे रहे हैं. उनकी संस्था को बिहार एनजीओ से मान्यता है और वे लोग कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं.

-दीपक कुमार विद्यार्थी,प्रदेश अध्यक्ष,दलित सहयोग परिवार संस्था पटना.

विभिन्न छात्र संगठन के छात्रों के द्वारा फोनिक सूचना दी गयी थी की रोजगार दिलाने के नाम दलित सहयोग परिवार नामक फर्जी संस्था के द्वारा लोगों को ठगा जा रहा है. इस सूचना पर छापेमारी की गयी. छापेमारी के दौरान चार पुरुष सहित एक महिला को पूछताछ के लिए थाना लाया गया. जांच में छात्रों से रुपये लेने की बात सही पाया गया. संस्था के सदस्यों ने मौके पर मौजूद करीब तीन दर्जन छात्रों को राशि वापस किया गया. शेष छात्रों को सोमवार को राशि वापस कार देने की बात कही गयी है. मामले एक स्थानीय व्यक्ति जो संस्था के जिला अध्यक्ष हैं को हिरासत में रखकर शेष लोगों को छोड़ दिया गया.

अभिनव धीमान,थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु आइपीएस, बनमनखी

Posted By: Thakur Shaktilochan

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