सहरसा में पत्रकार से मारपीट मामला: डिजिटल प्रेस क्लब अररिया ने फारबिसगंज में निकाला शांतिपूर्ण मार्च, सुरक्षा की मांग

सहरसा में पत्रकार के साथ हुई मारपीट के विरोध में सीमांचल के पत्रकार सड़कों पर उतरे. फारबिसगंज में निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यवसायियों ने एकजुटता दिखाई. उन्होंने चौथे स्तंभ की सुरक्षा और भयमुक्त पत्रकारिता के लिए आवाज़ उठाई.

पड़ोसी जिले सहरसा में एक पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में सीमांचल के पत्रकारों में भारी उबाल देखने को मिल रहा है. घटना के खिलाफ डिजिटल प्रेस क्लब अररिया के तत्वावधान में बुधवार को फारबिसगंज शहर में एक विशाल व शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च निकाला गया.

इस आक्रोश मार्च में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यवसायियों ने भी हिस्सा लेकर एकजुटता का संदेश दिया.

पोस्ट ऑफिस चौक से स्टेशन चौक तक निकला पैदल मार्च

मार्च की शुरुआत शहर के व्यस्ततम पोस्ट ऑफिस चौक से हुई. पत्रकारों का यह शांतिपूर्ण पैदल मार्च मुख्य बाजार होते हुए रेलवे स्टेशन चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ.

मार्च के दौरान पत्रकार हाथों में विभिन्न मांगों और नारों से लिखी तख्तियां लिए चल रहे थे. पत्रकारों ने सहरसा मामले की निष्पक्ष जांच और चौथे स्तंभ की सुरक्षा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की.

पत्रकारों पर हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय

स्टेशन चौक पर सभा को संबोधित करते हुए डिजिटल प्रेस क्लब के अध्यक्ष शुभम कुमार ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं.

उन्होंने कहा कि दायित्व निर्वहन के दौरान पत्रकारों के साथ बदसलूकी या हिंसा होना कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए घातक है. सहरसा की घटना की त्वरित व पारदर्शी जांच कराकर दोषियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए.

सुरक्षित और भयमुक्त माहौल की पुरजोर मांग

संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की.

वक्ताओं ने कहा कि फील्ड में काम कर रहे संवाददाताओं को निष्पक्ष और बेबाक रिपोर्टिंग के लिए भयमुक्त वातावरण मिलना बेहद जरूरी है. अगर प्रशासन ऐसे मामलों में कड़ा रुख नहीं अपनाएगा तो मीडियाकर्मियों का मनोबल गिरेगा.

मार्च में पत्रकार, समाजसेवी और व्यवसायी रहे एकजुट

इस शांतिपूर्ण आक्रोश प्रदर्शन में जिले के वरिष्ठ व युवा पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई.

मार्च में क्लब के सचिव जगदीश झा, कार्यक्रम प्रभारी त्रिभुवन ठाकुर, सदस्य मृत्युंजय शांडिल्य, हरेंद्र कुमार, नवल राही, मणिभूषण ठाकुर, ओमप्रकाश सिंह, मोहन कुमार, दिलीप कुमार, वेद प्रकाश, रवि रोशन, विपुल विश्वास, सुमित मेहता, कलीमुद्दीन, राकेश कुमार, वसीम राणा और रतन कुमार साह शामिल थे.

इसके अलावा युवा व्यवसायी सह समाजसेवी इजहार अंसारी और आदर्श गोयल सहित कई गणमान्य नागरिकों ने भी मार्च में शामिल होकर पत्रकारों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया.

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लेखक के बारे में

By कलीमउद्दीन

कलीमउद्दीन प्रिंट माध्यम में 24 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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