Araria News: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर फारबिसगंज शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया. अनुमंडल प्रशासन की ओर से शुक्रवार को शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया और इसके बाद तिरंगा पदयात्रा निकाली गई. प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेट्स की मौजूदगी में निकली इस यात्रा ने पूरे शहर में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया.
नेताजी सुभाष चौक से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई.
इसके बाद अधिकारियों और प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ तिरंगा पदयात्रा शुरू की.
रास्ते भर भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान रहा.
शहर के प्रमुख प्रतिमा स्थलों पर दी गई श्रद्धांजलि
तिरंगा पदयात्रा पोस्ट ऑफिस चौक स्थित चंद्रशेखर आजाद, सुल्तान पोखर के समीप महाराणा प्रताप चौक, शास्त्री चौक कोठीहाट स्थित लाल बहादुर शास्त्री, अंबेडकर चौक गोढियारे स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, राजेंद्र चौक स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद, फैंसी मार्केट के समीप वीर कुंवर सिंह और स्टेशन चौक स्थित स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम देनी तिवारी द्विजदेनी की प्रतिमाओं तक पहुंची.
सभी स्थानों पर पुष्पांजलि अर्पित कर महापुरुषों के जीवन, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया.
नई पीढ़ी तक पहुंचे महापुरुषों के आदर्श
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन महापुरुषों के आदर्शों को याद करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया.
Araria News: अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीओ अभय कुमार, एसडीपीओ पंकज कुमार, बीडीओ कर्मजीत राम, सीओ पंकज कुमार, नगर परिषद ईओ मयंक कुमार, मुख्य पार्षद वीणा देवी, उप मुख्य पार्षद नूतन भारती सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
फारबिसगंज में आयोजित यह तिरंगा पदयात्रा स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का प्रभावी संदेश छोड़ गई.
Also Read: बिहार : स्कूल बढ़े पर 38.5% स्टूडेंट ही 12वीं तक पहुंचे, पढ़ाई छोड़कर कहां जा रहे हैं बच्चे?
