भरगामा. भरगामा प्रखंड क्षेत्र के गोलहा गांव में रविवार को किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. आक्रोशित किसानों ने प्रशासन व रेलवे ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उनकी जमीन को बिना अनुमति व बिना मुआवजा दिए जबरन काट लिया गया है. प्रदर्शन कर रहे किसानों में सियाराम यादव, भालटू यादव, बोकु यादव, अरुण यादव, तीर्थू यादव, गिरानंद ऋषिदेव, गजेंद्र ऋषि सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे. किसानों का कहना है कि रेलवे लाइन निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार के लोगों ने रात के अंधेरे में 04 पोकलेन मशीनों की मदद से उनकी कृषि भूमि की गहरी खुदाई कर मिट्टी निकाल ली.
20 फीट तक की गयी खुदाई से फसल बर्बाद
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन विभाग के दिशा-निर्देशों के प्रतिकूल करीब 20 फीट तक मिट्टी काट ली गयी. जिससे खेतों के चारों ओर भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. खुदाई के कारण खेत असमतल हो गये हैं व खड़ी फसल बर्बाद हो रही है. किसानों का कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है. एक किसान ने बताया कि जब वे दिल्ली में इलाज के लिए गये हुए थे. उसी दौरान उनकी लगभग 1.5 एकड़ जमीन को भी काट लिया गया. वापस लौटने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा चुकी है. जब उन्होंने ठेकेदार के लोगों से इस बारे में पूछा तो उनकी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति की जमीन बताया गया.
मुआवजा नहीं मिलने से बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अब तक न तो उन्हें किसी प्रकार की पूर्व सूचना दी गई व न ही जमीन कटाई के एवज में कोई मुआवजा दिया गया है. किसानों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे व प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाये. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गयी तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जायेगा.