अंतरजातीय विवाह के प्रोत्साहन अनुदान का वितरण

विवाह के दो साल के अंदर करना होता है आवेदन

-8- प्रतिनिधि, अररिया डीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत तीन लाभुकों को एक-एक लाख रुपये का सावधि जमा प्रदान किया गया. लाभुकों में स्मिता स्मिथ, रानो कुमारी, सजल श्रद्धा का नाम शामिल है. मालूम हो कि समाज में व्याप्त जाति बंधनों को तोड़ने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना संचालित किया जाता है. इस योजना के तहत अपने जाति से इतर किसी दूसरे जाति में विवाह करने पर सरकार द्वारा 01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सावधि जमा के रूप में प्रदान की जाती है. योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वाला कोई भी व्यक्ति शादी की तिथि से दो वर्ष के अंदर सभी जरूरी प्रमाणपत्र विवाह निबंधन प्रमाण पत्र, वर व वधु आय, निवास प्रमाणपत्र के साथ जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में में जमा कर सकते हैं. इसी प्रकार मुख्यमंत्री निःशक्त जन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत कुल 03 लाभुकों को एक – एक लाख रुपया का सावधि जमा प्रदान किया गया. लाभुकों में कंचन कुमारी, मिकाइल अंसारी, पिंकी कुमारी का नाम शामिल है. गौरतलब है कि 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणपत्र धारक किसी व्यक्ति से विवाह करने वालों को यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है. योजना लाभ के लिए विवाह के दो साल के अंदर योजना लाभ के लिए आवेदन करना जरूरी होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By MRIGENDRA MANI SINGH

MRIGENDRA MANI SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >