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Bihar News: युवाओं को कर्ज दे चीन बना रहा अपना शिकार, दो चीनी नागरिक सहित 124 नेपाली गिरफ्तार

चीन द्वारा बनाये गये मोबाइल एप के माध्यम से भारतीय युवा को टारगेट कर कर्ज के लिए संपर्क कर ऑनलाइन माध्यम से कर्ज के लिए आवेदन मंगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य निजी जानकारी हासिल कर तीन से तीस हजार तक कर्ज देते थे.

By Prabhat Khabar Print Desk
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युवाओं को कर्ज दे चीन बना रहा अपना शिकार
युवाओं को कर्ज दे चीन बना रहा अपना शिकार
FILE PIC

अररिया. नेपाली भूमी को प्रयोग कर चीन द्वारा भारतीय नागरिकों को अपने जाल में फंसाने के मामले का खुलासा हुआ है. मंगलवार को नेपाल की अलग-अलग जगहों से दो चीनी नागरिकों सहित 124 नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. नेपाली भूमी का प्रयोग कर कई भारतीय युवाओं सहित अन्य व्यक्ति को गैरकानूनी रूप से ऋण देकर चीन अपने मकड़जाल में कसता जा रहा है. कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में उनके निजी जानकारी के दुरुपयोग की धमकी दी जा रही है.

पर्यटक वीजा पर आकर कर रहे अवैध कारोबार

अनुसंधान में संलग्न काठमांडू पुलिस परिसर के प्रवक्ता एसपी दिनेश मैनाली ने कहा कि सूचना मिली थी कि दो चीनी नागरिक नेपाल से गैरकानूनी ढंग से भारतीय युवाओं को ऋण देने के काम मे संलग्न हैं. इसके बाद इनकी निगरानी की जा रही थी. दोनों चीनी नागरिक तीन महीने पूर्व पर्यटन वीजा पर नेपाल आये थे. इन लोगों के द्वारा कर्ज देने के लिए इजी क्रेडिट फ्री केस, ह्यांडी लोन, गो लोन, रूपी स्टार, हाई केस सहित अन्य मोबाइल एप बना कर रखा गया था.

इन्हीं एप के माध्यम से सिर्फ भारतीय नागरिक को महंगे ब्याज दरों पर ऋण देकर अपने चुंगल में फंसाया जा रहा था. महंगे ब्याज दरों पर कर्ज लेने के बाद चुकता नहीं करने की स्थिति में इनके कहे अनुसार नहीं मानने पर धमकी देने का डर दिखाने के लिए नेपाली युवक-युवतियों का प्रयोग किया जाता था. वहीं पुलिस के द्वारा गिरफ्तार चीनी नागरिक की पहचान चाङ हु बाओ व वाङ जिनाओ के रूप में होने की बात काठमांडू पुलिस परिसर के प्रवक्ता एसपी दिनेश मैनाली ने कही है.

तीन से तीस हजार तक का दिया जाता था कर्ज

चीन द्वारा बनाये गये मोबाइल एप के माध्यम से भारतीय युवा को टारगेट कर कर्ज के लिए संपर्क कर ऑनलाइन माध्यम से कर्ज के लिए आवेदन मंगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य निजी जानकारी हासिल कर तीन से तीस हजार तक कर्ज देते थे. इसके वापस करने की शर्त सात दिनों की होती थी. कर्ज वापस नहीं करने की स्थिति में साझा की गयी निजी जानकरी को अन्य माध्यमों से दुरुपयोग की धमकी दी जाती थी. इसके लिए नेपाली युवक-युवतियों का प्रयोग चीनी नागरिकों द्वारा किये जाने की बात पुलिस ने कही है.

अवैध तरीके से ऋण देने का अवैध धंधा

पुलिस के अनुसार चीनी नागरिक द्वारा नेपाली नागरिकों का प्रयोग कर अवैध तरीके से ऋण देने का अवैध धंधा काठमांडू के अलावा विशेष कर भारतीय नागरिकों के आगमन स्थल चितवन, पोखरा, विराटनगर, वीरगंज, बुटवल जैसे बड़े शहरों से यह कार्य संचालन होने का दावा नेपाल अपराध अनुसंधान महाशाखा ने किया है. वहीं ऐसे अपराध में संलग्न व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए सख्त कानूनी प्रवाधान नहीं होने से सख्त सजा दिलाने में पुलिस असफल हो रही है.

क्या कहते हैं नेपाल राष्ट्र बैंक के अधिकारी

पुलिस का एक ओर जहां तर्क है कि बैंक के अलावा अन्य द्वारा ऋण प्रवाह नहीं किया जा सकता. वहीं चीनी नागरिकों द्वारा भारत के नागरिकों को ऋण दिया जा रहा था. इससे पीड़ित भारतीय नागरिक नेपाल में इनके विरुद्ध मामला दर्ज कराने नेपाल नहीं आते हैं. तो सख्त कानूनी कार्रवाई में परेशानी होती है. इसके उलट नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता डॉ गुणाकर भट्ट ने कहा कि ऐसे अवैध कार्य में संलग्न किसी के ऊपर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रवाधान है. ऋण प्रवाह करने व ब्याज वसूली के लिए तय बैंक व वित्तीय संस्था के अलावे ऐसे कार्य को कोई संचालन नहीं कर सकता. चीनी नागरिक भी अवैध वित्तीय कार्य में संलग्न हैं. इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रवधान है.

कॉल सेंटर की आड़ में हो रहा था अवैध धंधा

इस काम के लिए कॉल सेंटर खोला गया था. इसमें नेपाली युवाओं को 15 से 18 हजार रुपये के मासिक वेतन पर नियुक्ति की गयी थी. पुलिस ने कॉल सेंटर से 88 व दूसरे से 36 नेपाली युवाओं सहित इनका संचालन कर रहे दो चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.

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