Bhargama Storm Damage Grocer Shop: भरगामा अररिया से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट: भरगामा प्रखंड क्षेत्र में शनिवार की संध्या करीब 7 बजे आए तेज आंधी-तूफान ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. चक्रवाती हवाओं के कारण कई स्थानों पर विशाल पेड़ उखड़ गए, जबकि कई कच्चे और फूस के मकान क्षतिग्रस्त हो गए. अचानक बदले मौसम के इस रौद्र रूप से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
दुकान बंद कर घर गए थे संजय मिश्र, पीछे से भरभराकर गिरी पेड़ की शाखा
इस प्राकृतिक आपदा की सबसे बड़ी मार प्रखंड मुख्यालय स्थित एक परचून (किराना) दुकान पर पड़ी. चश्मदीदों के मुताबिक, पास ही स्थित एक विशाल पेड़ की बेहद मोटी टहनी टूटकर सीधे दुकान पर जा गिरी. पीड़ित दुकानदार संजय मिश्र ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे रोज की तरह शाम को अपनी दुकान बंद कर घर चले गए थे. उनके जाने के कुछ ही देर बाद भयंकर आंधी-तूफान शुरू हो गया.
इसी बीच पेड़ की भारी-भरकम शाखा दुकान की छत को चीरते हुए अंदर जा घुसी. इस हादसे में दुकान का पूरा ढांचा ढह गया और अंदर रखी भारी मात्रा में खाद्य सामग्री, कीमती सामान और नकदी पूरी तरह बर्बाद हो गई.
उजड़ गया आजीविका का साधन, परिवार के सामने संकट
पीड़ित दुकानदार संजय मिश्र ने रुआंसे मन से बताया कि उनके पूरे परिवार का भरण-पोषण और घर का खर्च इसी एकमात्र परचून की दुकान से चलता था. इस अचानक आई आपदा के बाद उनके सामने आय (इन्कम) का पूरा स्रोत ही खत्म हो गया है और परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए प्रशासन से अविलंब सहायता की गुहार लगाई है.
मक्का, पाट और दलहन की फसलों को भी व्यापक क्षति
आंधी-तूफान का असर केवल रिहायशी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने क्षेत्र के किसानों की कमर भी तोड़ दी है. खेतों में खड़ी मक्का, पाट (जूट) और दलहन की फसलों को इस तेज आंधी से भारी नुकसान पहुंचा है. तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों में बिछ गई हैं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि आंधी की रफ्तार इतनी भयानक थी कि कई जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात ठप रहा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है. पीड़ित दुकानदार और स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हल्के के राजस्व कर्मचारी को भेजकर नुकसान का सही आकलन (सर्वे) कराया जाए और उन्हें उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए.
