भरगामा, अररिया से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट :
भरगामा थाना क्षेत्र के पैकपार गांव स्थित प्रसिद्ध बिषहरी स्थान में नाग पंचमी के अवसर पर हर वर्ष भव्य बिषहरी पूजा-अर्चना एवं मेले का आयोजन किया जाता है. जानकारी के अनुसार, शक्ति पीठ के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर में पिछले करीब डेढ़ सौ वर्षों से श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, यानी नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है. नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा के साथ एक दिवसीय विशाल मेले का आयोजन होता है. इस दौरान करीब 500 छागर-पाठा की बलि भी दी जाती है. ऐसी मान्यता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु यहां बलि चढ़ाने आते हैं.मंदिर में इस दिन दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु सर्पदंश से मुक्ति और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालु यहां दूध, लावा तथा झाप अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं. मेले में अररिया के अलावा पड़ोसी जिलों सुपौल, मधेपुरा और पूर्णिया से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.स्थानीय मुखिया धनंजय सिंह भंटू, अशोक कुमार सिंह, अनिल सिंह, संजय सिंह, राकेश रंजन परिहार, पंकज सिंह, पप्पू सिंह, प्रवीण सिंह, सचिन कुमार, पिंटू सिंह, आनंद कुमार, बम शंकर सिंह, नीरज कुमार, सुभाष कुमार राम, भोला मंडल, विकाश, विक्की सिंह और प्रिंस राजा सहित अन्य लोगों ने बताया कि माता बिषहरी स्थान में दूर-दराज के श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं. सर्पदंश के शिकार लोग भी यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन नाग पंचमी के दिन यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
