फारबिसगंज : कोसी-सीमांचल को जोड़ने वाली फारबिसगंज-सुपौल-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन को देखने के लिए लोगों की आंखें पथरा गयी हैं. इस बार के बजट में 150 करोड़ की राशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है. जानकारों की मानें तो फारबिसगंज-सकरी-लौकहा-निर्मली 206 किमी तक अमान परिवर्तन के लिए 150 करोड़ की राशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है.
फारबिसगंज-सहरसा रेलखंड के लिए 150 करोड़
फारबिसगंज : कोसी-सीमांचल को जोड़ने वाली फारबिसगंज-सुपौल-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन को देखने के लिए लोगों की आंखें पथरा गयी हैं. इस बार के बजट में 150 करोड़ की राशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है. जानकारों की मानें तो फारबिसगंज-सकरी-लौकहा-निर्मली 206 किमी तक अमान परिवर्तन के लिए 150 करोड़ की राशि की स्वीकृति […]

हालांकि पिछले साल इससे अधिक राशि 400 करोड़ राशि दी गयी थी. रेलवे की ओर से सात साल पूर्व अमान परिवर्तन के लिए इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था. लेकिन इस रेलखंड का अमान परिवर्तन का कार्य पूरा नहीं हो सका.
कई सरकारें आयीं, लेकिन इन क्षेत्र का रेलवे का विकास नहीं हुआ. जानकारों की मानें तो इस बार के बजट में अररिया- सुपौल नये रेललाइन के लिए एक करोड़ राशि मिली है. इस तरह जोगबनी-विराटनगर (नेपाल) 18 किमी 241 करोड़ 52 लाख से स्वीकृत रेलखंड के लिए 100 करोड़ की राशि दी गयी है. बताया जाता है कि इस बजट में 20 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है.
फारबिसगंज-सहरसा रेलखंड के लिए कभी बाढ़ कारण बनी तो कभी व्यवस्थागत परेशानी कभी फंड का रोना तो कभी जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का आदि चक्करों में निर्माण की रफ्तार की हालत देख कोसी सीमांचल के बूढ़े-बुजुर्ग भरोसा भी छोड़ने लगे हैं. फारबिसगंज- सहरसा रेलखंड को लेकर अररिया के बीजेपी सांसद प्रदीप सिंह ने नेतृत्व में एक शिष्टमंडल रेल मंत्री से मुलाकात कर इस रेलखंड के जल्द पूरा करने की मांग की है.