फर्श चमकेगा, तो ही मिलेगा पैसा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Dec 2014 2:53 AM
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे बोर्ड ने देश भर के स्टेशनों की साफ-सफाई को लेकर नयी रणनीति बनायी है. इसके तहत देश भर के ए ग्रेड 50 स्टेशनों की साफ-सफाई को लेकर आउटसोर्सिग की मंजूरी दे दी गयी है. इसमें बिहार से पूर्व मध्य रेल के तीन पटना, […]
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे बोर्ड ने देश भर के स्टेशनों की साफ-सफाई को लेकर नयी रणनीति बनायी है. इसके तहत देश भर के ए ग्रेड 50 स्टेशनों की साफ-सफाई को लेकर आउटसोर्सिग की मंजूरी दे दी गयी है.
इसमें बिहार से पूर्व मध्य रेल के तीन पटना, गया और मुगलसराय, जबकि एनएफ रेलवे से किशनगंज को शामिल किया गया है. इन स्टेशनों पर साफ-सफाई का जिम्मा संभालनेवाली एजेंसी
को पार्किग परिसर से लेकर रेलवे ट्रैक तक की जिम्मेवारी लेनी होगी. खास बात है कि इसकी मॉनीटरिंग को लेकर विशेष रणनीति बनी है. इसके अनुसार प्लेटफॉर्म व वेटिंग रूम के फर्श व खिड़कियों की चमक देख कर ठेकेदार को राशि का भुगतान होगा.
ग्लोस मीटर से जांची जायेगी चमक
रेलवे बोर्ड अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक स्टेशनों की सफाई की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके तहत एजेंसी चयनित हो जाने के बाद साफ-सफाई की नियमित जांच होगी. चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर, हेल्थ इंस्पेक्टर, कॉमर्शियल इंस्पेक्टर और स्टेशन मैनेजर राउंड द क्लॉक स्टेशन का निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही अधिकारियों का औचक निरीक्षण भी होगा, जिसमें दस जगहों पर नमूना लेकर सफाई की जांच की जायेगी. इस दौरान ग्लोस मीटर से टाइल्स फर्श और विंडो स्क्रीन की चमक मापी जायेगी. 40-50 फीसदी ‘ साइन लेवल ’ को औसत जबकि उससे कम चमक ‘ पुअर ’ मानी जायेगी. डस्ट लेवल, फुट मार्क्स, पान गुटखा स्टेन और बर्ड ड्रॉपिंग भी देखी जायेगी. डस्ट की जांच के लिए सफेद ब्लाटिंग पेपर से उसे रगड़ कर देखा जायेगा. बर्ड ड्रापिंग का एक भी दाग बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
शौचालय के शीशे व वॉश बेसिन की जांच
जांच अधिकारी शौचालय के शीशे और वॉश बेसिन की सफाई भी परखेंगे. शीशे पर धब्बा होने पर कार्रवाई होगी. वॉश बेसिन, शौचालय सीट और फर्श गंदा होने पर भी कम अंक दिये जायेंगे. शौचालय में दरुगध को पुअर माना जायेगा.
काटी जायेगी भुगतान राशि
अधिकारियों के मुताबिक ग्रेडिंग के मुताबिक मिले अंकों के आधार पर सफाई का आकलन कर ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जायेगा. यह जुर्माने की राशि उनके मंथली बिल से काट ली जायेगी. अगर कोई काम बिल्कुल ही नहीं किया गया है तो उसकी राशि का भुगतान ही नहीं हो सकेगा.
सफाई व्यवस्था को लेकर निकला टेंडर
जानकारी के मुताबिक जंकशन की इस नयी सफाई व्यवस्था को लेकर टेंडर निकाल दिया गया है. जल्द ही उसको लेकर प्रक्रिया पूरी कर नयी सफाई एजेंसी चयनित कर ली जायेगी. वर्तमान में पटना जंकशन की सफाई व्यवस्था को दो अलग-अलग एजेंसियों को दिया गया है.
इनकी सफाई की होगी विशेष जांच
प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल, फुट ओवरब्रिज, रिटायरिंग रूम, दीवार, फ्लोर एरिया, स्टील वर्क्स, ग्लास वर्क्स, एस्केलेटरस, ट्वाइलेट, रेलवे ट्रैक आदि
रेलवे बोर्ड से आदेश मिला है. इसमें पूर्व मध्य रेल के तीन स्टेशन पटना, गया और मुगलसराय को शामिल किया गया है. बोर्ड के हिसाब से सफाई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया की जा रही है.
अरविंद कुमार रजक, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेल.
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