एनएसजी से ट्रेनिंग ले रहे बिहार पुलिस के 50 जवान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना: बिहार पुलिस के चुने हुए 50 जवानों को एनएसजी के विशेषज्ञों द्वारा बम व विस्फोटकों की पहचान और उन्हें निष्क्रिय की ट्रेनिंग दी जा रही है. उनका प्रशिक्षण मंगलवार को बिहार सैन्य पुलिस-16 के फुलवारीशरीफ स्थित मुख्यालय में शुरू हुआ.

एनएसजी के कैप्टन सिराज कपूर के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण एक महीने चलेगा. बिहार में नक्सली उग्रवादियों और आतंकियों की धमक के बीच यह पहला मौका है, जब बिहार पुलिस के अधिकारियों ने अपने बम निरोधी दस्ते के लिए इस तरह के प्रशिक्षण की व्यवस्था की है. पहले ऐसे प्रशिक्षण के लिए बिहार के चुने हुए दो-चार जवानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण के भेजा जाता था. बिहार पुलिस के लिए इस प्रशिक्षण का आयोजन पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के नियंत्रणाधीन सीटीएस, सिमुलतला व बीएमपी-16 के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है.

बिहार के पुलिस डीजी (ट्रेनिंग) पीएन राय ने बीएमपी-16 परिसर में प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि एनएसजी के प्रशिक्षित विशेषज्ञ अब बिहार पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बम व आइइडी की पहचान करने के साथ-साथ उससे निबटने और उसे निष्क्रिय करने के भी गुर बतायेंगे. मौके पर एडीजी (ट्रेनिंग) एसके भारद्वाज ने कहा कि बमों को निष्क्रिय करनेवाला यह दस्ता ठीक उसी तरह के काम करता है, जैसे संपेरे जहरीले सांपों को अपने वश में करते हैं. उद्घाटन सत्र में आइजी (ट्रेनिंग) अमित कुमार, डीआइजी अमिताभ कुमार, सीटीएस सिमुलतला के प्राचार्य पीएन मिश्र व बीएमपी-16 के समादेष्टा एसके झा भी मौजूद थे.

प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषताएं

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पहली बार बिहार में आयोजित किया जा रहा है, इसलिए इसे प्रथम सत्र का नाम दिया गया है. प्रशिक्षण की अवधि चार सप्ताह यानी एक महीने की होगी, जिसे एनएसजी की बीडीएनबीडीसी के कर्नल अजय शर्मा ने डिजाइन किया है. यह एक स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग कोर्स है. इसमें बिहार पुलिस के जवान व अधिकारी बम व आइइडी की पहचान करने, उसे निष्क्रिय करने, निष्क्रिय करने के दौरान बरती जानेवाली सावधानियां, बम व आइइडी की तलाश करने, उस स्थान से लोगों की भीड़ हटाने, बम व आइइडी के प्रकार, उन्हें प्रभावहीन करने के गुर, बम निष्क्रिय करने के दौरान किसी तरह की क्षति न हो या फिर क्षति को कम से कम करने तथा नक्सली उग्रवादियों द्वारा बिछाये जाने वाले बम एवं आइइडी के जाल से सिपाहियों व हवलदारों को सुरक्षित बाहर निकालने की कला सीखेंगे.

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