फतुहा में यूनियन बैंक के लूटे गये एक करोड़ के मामले का खुलासा, सरगना समेत 11 पकड़े गये

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना: फतुहा थाने के नवनिर्मित पटना-बख्तियारपुर फोर लेन मार्ग (भिखुआ मोड़) पर 13 मई को कदमकुआं के यूनियन बैंक के एक करोड़ रुपये को दिनदहाड़े लूट कर सनसनीखेज वारदात को अंजाम देनेवाले गिरोह के सरगना समेत 11 गुर्गो को तीन माह के बाद पकड़ने में पटना पुलिस को सफलता मिली. अपराधियों को फतुहा के नयका रोड स्थित पेट्रोल पंप, गुलाब ढाबा के पास पकड़ा गया.

इन लोगों के पास से 30 लाख नकद, लूटी गयी बोलेरो, एक पल्सर बाइक, स्वर्ण आभूषण, 11 देसी पिस्तौल, 51 कारतूस, 30 किलो गांजा, डेढ़ किलो चरस व लूट के पैसे से खरीदी गयी बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गयी है. अपराधियों को जेल में बंद फतुहा के कुख्यात अपराधी टुनटुन यादव का संरक्षण प्राप्त है. गिरोह का सरगना संतोष कुमार (जेठुली, फतुहा) मास्टरमाइंड है. सबसे बड़ी बात कि चार साल पहले ट्रेन में पूर्व डीआइजी अनिल कुमार की हत्या में भी यह गिरोह शामिल था.

उस समय योजना ही बना रहे थे : एसएसपी मनु महाराज को जानकारी मिली कि कुछ अपराधी फतुहा के नयका पेट्रोल पंप को लूटने के फिराक में हैं. सिटी एसपी आशीष भारती के नेतृत्व में पुलिस की टीम जब वहां पहुंची, तो अपराधी गुलाब ढाबा के निकट लूट की योजना ही बना रहे थे.

पुलिस ने पहले संतोष समेत तीन को पकड़ा और उनकी निशानदेही पर अन्य अपराधी भी पकड़े गये. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि मामले के उद्भेदन में जो भी पुलिस पदाधिकारी व जवान शामिल थे, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा.

ये अपराधी पकड़े गये

संतोष कुमार (फतुहा) - सरगना

राजगीर कुमार उर्फ बड़का (फतुहा)

सुदर्शन यादव (फतुहा)

राजू कुमार (नवादा)

मनीष कुमार (दीदारगंज)

सोनू सिंह (बाइपास)

राजू कुमार यादव (दीदारगंज)

विमलेश कुमार (दीदारगंज)

बासगीत कुमार (दीदारगंज)

गुड्डु कुमार (दीदारगंज)

पंकज कुमार (नालंदा)

लूट की बोलेरो से करता रहा लूट

लुटेरों ने तीन माह पहले वैशाली के सराय इलाके में एक नयी बोलेरो को लूटा था. उसी गाड़ी से वैशाली के केशव पेट्रोल पंप के अलावा दीदारगंज व गौरीचक के पेट्रोल पंपों से भी लाखों की लूट की थी. खास बात यह है कि तीन माह तक लूट की बोलेरो गाड़ी से यह गिरोह लूटपाट करता रहा, इसके बाद भी पकड़ में नहीं आया.

सभी ने बांट लिये थे नौ-नौ लाख

लूट के एक करोड़ रुपये को इन 11 अपराधियों ने आपस में बांट लिया था. सभी को नौ-नौ लाख मिले थे. रुपयों को बंटवारा गाड़ी के अंदर ही हुआ था. इसके बाद बैग को गौरीचक-चंडासी मार्ग के बीच में फेंक दिया था.

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