झारखंड में बैठे गैंगस्टर अजय ने तैयार किया ब्लू प्रिंट
भागलपुर : चार नवंबर को हुए चर्चित धूरी यादव हत्याकांड का भागलपुर पुलिस ने 18 दिन बाद खुलासा कर दिया है. मामले में पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल उर्दू बाजार के ही रहने वाले किशोर यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अभियुक्त किशोर यादव ने हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों के नाम और कारणों का भी खुलासा किया है. पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड झारखंड में बैठा भागलपुर का ही रहने एक गैंगस्टर अजय बताया जाता है.
2003 में हुई थी किशोर के चाचा की हत्या : आरोपित ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि 2003 में उसके चाचा प्रकाश यादव की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी. पर यह सड़क दुर्घटना न होकर, सुनियोजित ढंग से करायी गयी हत्या थी, दुर्घटना में भी जब प्रकाश यादव की मौत नहीं हुई, तो धूरी ने अस्पताल में जहर का इंजेक्शन लगवाकर उन्हें मरवा दिया.
इसके कुछ दिनों बाद ही प्रकाश के साथी सुनील यादव की भी हत्या धूरी ने उर्दू बाजार में ही करवा दी थी. किशोर ने पुलिस को बताया कि एक जमीन विवाद में धूरी के विरोधियों ने सभी पुराने दुश्मनों को जोड़ा और धूरी की हत्या की साजिश रची गयी. उसे भी अपने चाचा की मौत का बदला लेना था. इसके लिये उसे भी साजिश में शामिल किया गया. एक कट्ठा जमीन देने का प्रलोभन देकर गैंग ने उसे महज घर से निकलने की रेकी कर इसकी सूचना शूटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी. घर से निकलने के बाद उसी ने धूरी की रेकी कर घर से निकलने की पल-पल की खबर शूटरों को दी.
