कोसी का जलस्तर बढ़ा, 16,800 को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

पटना: नेपाल में भू-स्खलन के बाद नदी में जमे मलबे को हटाने के लिए नेपाली सेना द्वारा किये गये कम तीव्रतावाले विस्फोट के बाद बिहार में रविवार को कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ गया. बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मलबे को हटाने में नेपाली सेना पूरी तरह से […]

पटना: नेपाल में भू-स्खलन के बाद नदी में जमे मलबे को हटाने के लिए नेपाली सेना द्वारा किये गये कम तीव्रतावाले विस्फोट के बाद बिहार में रविवार को कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ गया. बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मलबे को हटाने में नेपाली सेना पूरी तरह से सफल नहीं हो पायी.

भू-स्खलन से जमा हुए मलबे के कारण भोटे कोसी में पानी का बहाव ठहर गया है. इस बीच राज्य सरकार ने बढ़ते खतरे को देखते हुए नौ जिलों में नदी व इसके किनारों के बीच रहनेवाले लोगों को जबरन क्षेत्र खाली कराने के आदेश दिये हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि अब तक हमने 16800 लोगों को बाहर निकाला है, लेकिन 60 हजार से ज्यादा लोग अब भी नदी और इसके किनारों पर रह रहे हैं.

कुमार ने कहा कि नवीनतम आकलन के मुताबिक बाढ़ आती है, तो कोसी के आसपास रह रहे 4.25 लाख लोग प्रभावित होंगे. हम उन सभी को हटाने का प्रयास कर रहे हैं. हमने आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधान लागू किये हैं. हालांकि, बिहार सरकार ने शनिवार को ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया था.

कोसी के निकट निचले इलाकों में रहनेवाले लोगों को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया.

पीएम ने दिये निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार और नेपाल को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. अधिकारियों से सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है.

गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से की बात
नयी दिल्ली. कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने से पैदा हुए हालात को लेकर बचाव व राहत कार्यो में केंद्र सरकार हरसंभव मदद देगी. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार की सुबह बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को फोन कर हालात की जानकारी ली. मांझी ने ताजा हालात व लोगों की सुरक्षा के लिए उठा जा रहे कदमों के बारे में बताया. गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दल पहले ही उन क्षेत्रों में भेज दिये गये हैं, जहां खतरा है.

सुपौल राहत अभियान का केंद्र
कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 15 कंपनियां, सेना के चार कॉलम और राज्य आपदा मोचन बल की चार कंपनियों को सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, अररिया, मधुबनी, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में तैनात किया गया है. सुपौल को राहत, बचाव और खाली कराने के अभियान का मुख्यालय बनाया गया है. सेना एवं अर्धसैनिक बलों के 17 हेलीकॉप्टर को पड़ोसी राज्यों में तैयार रखा गया है.

विस्फोट के बाद नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ, जो प्रवाहित होता हुआ बिहार तक पहुंच गया. हमने कई जगहों पर कोसी के जलस्तर बढ़ने की पहचान की है. कोसी के जलस्तर में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है. सूचना के मुताबिक, भोटे कोसी में करीब एक किलोमीटर तक अवरोध उत्पन्न हो गया है.
विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री, बिहार

अभी तक स्थिति नियंत्रण में है और भयभीत होने की जरुरत नहीं है. हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. बिहटा एयरपोर्ट पर वायु सेना के चार हेलीकॉप्टर को तैयार रखा गया है ताकि वे लोगों को बाहर निकाल सकें.
अनिरुद्ध कुमार, विशेष सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग

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