फुलवारीशरीफ : फुलवारीशरीफ के खलीलपुरा में 29 वर्षीय मो अफताब आलम की पीट- पीटकर हत्या कर दी. इतना ही नहीं अपराधियों ने मृतक की आंखों को भी फोड़ दिया. मृतक के शरीर पर कई जगहों पर चोट के गहरे निशान थे. युवक के कान और नाक से खून का रिसाव हो रहा था.
अपराधी हत्या करने के बाद लाश को अफताब के पैतृक पुराने ढहे हुए मकान के कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया ताकि किसी को पता नहीं चल पाये. अफताब की लाश को देखने से लगता है कि उसकी हत्या तीन दिन पहले की गया है.
लाश से इतनी दुर्गंध आ रही थी कि कोई समीप जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची व छानबीन में जुट गयी. पुलिस ने एफएसएल टीम को बुला कर साक्ष्य को जमा किया. मृतक भाइयों में सबसे छोटा था. मृतक के मंझले भाई मो निसान ने बताया कि शनिवार की सुबह उसे वह दिखा था. शुक्रवार को इफ्तार भी दिया था.
भाई के बयान और लाश देखकर यह कहा जा सकता है कि उसके बयान में विरोधाभास है. रविवार को दिन के 11 बजे शव की दुर्गंध फैलने लगी. मृतक के भतीजे मो आरिफ ने बताया कि कमरे से दुर्गंध आ रही थी , तो दूसरे रूम में रह रहे मंझले चाचा मो निसार के घर से हथौड़ी लेकर ताले को तोड़ा, तो अफताब की लाश थी.
खबर मिलते ही इलाके में लोग सन्न रह गये. घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी. परिजनों में कोहराम मच गया. स्व सुलेमान के चार बेटों में अफताब सबसे छोटा था. मृतक के संझले भाई निजामुद्दीन ने बताया कि अफताब पहले फुलवारी थाने के सामने खैनी दुकान में काम करता था. फिलहाल टमटम पड़ाव पर आदिल की खैनी दुकान में काम कर रहा था.
जिस पुराने मकान में अफताब रहता था उस मकान में मंझला भाई भी रहता था. उनका परिवार बगल में रहता है. बड़े भाई शहाबउद्दीन उसी मोहल्ले में रहते हैं. मृतक को शादी नहीं हुई थी. मृतक दो बार सउदी जा चुका है और उसके नाम से आधा कठा अवासीय भूमि भी है.
मृतक इन दिनों मानसिक रूप से बीमार चल रहा था. स्थानीय लोगों में चर्चा यह भी है कि इस हत्याकांड में बहुत ही करीबी लोगों का हाथ हो सकता है. ।जर्जर घर में किसी के नहीं रहने के कारण वहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता था. वहां पर शराब और गांजे का दौर भी चलते रहता था. इसका विरोध मृतक बराबर करता था. थानेदार मो कैसर आलम ने बताया कि प्रथमदृष्टया हत्या के पीछे बहुत ही नजदीक लोगों का हाथ हो सकता है.
