पटना. शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने शुक्रवार को विधान परिषद में कहा कि इंटरमीडिएट में जिन एक लाख, 80 हजार छात्रों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनमरूल्यांकन का आवेदन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं की छायाप्रति संबंधित छात्रों को उपलब्ध कराने पर सरकार विचार कर सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार एक्ट में संशोधन कर उत्तरपुस्तिकाओं के पुनमरूल्यांकन की भी व्यवस्था कर सकती है. हालांकि शिक्षा मंत्री ने सदन में यह मानने से इनकार कर दिया कि इंटर विज्ञान और वाणिज्य के छात्रों का रिजल्ट खराब होने का कारण शिक्षक नहीं हैं.
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्य बैद्यनाथ प्रसाद के एक अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की काबलियत पर उठाये जा रहे सवाल को सिरे से खारिज कर दिया. कहा, शिक्षकों की नियुक्ति उनकी पात्रता के आधार पर की जा रही है. संभव है कि इस बार परीक्षा में नकल में छूट नहीं दिया जाना भी खराब रिजल्ट का कारण हो सकता है. नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी के एक पूरक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि कानून बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए होते हैं, न कि कानून बच्चों का भविष्य खराब करने के लिए होते हैं. हम इस संबंध में बेहतर कानून का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि जिन 309 छात्रों ने आइआइटी-जेइइ जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का पुनमरूल्यांकन हो चुका है.
