1. home Home
  2. state
  3. Chhattisgarh
  4. chhattisgarh news uproar in assembly over ministers remark raman singh vs bhupesh baghel amh

Chhattisgarh News: विधानसभा में रमन सिंह पर​ टिप्पणी के बाद मच गया हंगामा, जानें पूरा मामला

विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान ​रमन सिंह ने राज्य सरकार की धान खरीद नीति पर सवाल किया जिसपर जवाब देने के दौरान भगत ने सिंह पर विवादित टिप्पणी की.

By Agency
Updated Date
Chhattisgarh News
Chhattisgarh News
TWITTER

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को जोरदार हंगामा हुआ. दरअसल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत की टिप्पणी को लेकर ​विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया और मंत्री से माफी मांगने के​ लिए कहा. विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान ​रमन सिंह ने राज्य सरकार की धान खरीद नीति पर सवाल किया जिसपर जवाब देने के दौरान भगत ने सिंह पर विवादित टिप्पणी की. मंत्री की टिप्पणी को भाजपा ने आपत्तिजनक बताया और सदन में हंगामा कर दिया. बाद में भगत ने अपने बयान पर खेद जताया.

सिंह ने धान खरीदी एवं खरीदी केंद्रों से धान के उठाव को लेकर कहा कि पिछले खरीफ विपणन सत्र (2020-21) में राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण करोड़ों रुपये का धान सड़ गया. यह एक राष्ट्रीय नुकसान था. सिंह ने कहा कि इस वर्ष भी वही गलतियां दोहराई जा रही है. इस पर मंत्री भगत ने कहा कि यह सभी को पता है कि कोरोना महामारी के कारण धान के परिवहन में समस्याएं आई थी. वहीं केंद्र से अनुमति देने में भी विलंब किया गया.

इस दौरान मंत्री ने आरोप लगाया कि रमन सिंह के 15 साल के लंबे कार्यकाल में उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की अस्पष्ट धान रखीदी नीति के कारण 8.97 लाख मीट्रिक टन धान के विक्रय में निलामी की प्रक्रिया अपनाई गई. उन्होंने सवाल किया कि उस निलामी की प्रक्रिया में राज्य सरकार को कितना नुकसान हुआ. मंत्री ने जवाब दिया कि राज्य सरकार को 554 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

सिंह ने इसका विरोध किया और दावा किया कि नुकसान 900 करोड़ रुपये से अधिक का है. सिंह ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने भंडारण और परिवहन व्यवस्था का प्रबंध ठीक ढंग से किया होता तब नुकसान से बचा जा सकता था. सिंह ने सदन की एक समिति गठित कर इस मामले की जांच की मांग की. जबाब के दौरान मंत्री भगत ने सिंह को लेकर कुछ टिप्पणी कर दी जिससे विपक्ष के सदस्य नाराज हो गए.

भाजपा सदस्यों ने कहा कि सदन में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. बाद में भाजपा के सदस्य सदन के गर्भ गृह में चले गए जिससे वह विधानसभा के नियमों के अनुसार स्वतः ही निलंबित हो गए. बाद में, अध्यक्ष चरण दास महंत ने सदन की कार्यवाही से मंत्री की टिप्पणी को हटा दिया, लेकिन इससे भाजपा विधायक संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने भगत से मांफी मांगने के लिए कहा. तब ​अध्यक्ष के निर्देश पर भगत ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया. वहीं भाजपा विधायकों का निलंबन भी वापस ले लिया गया.

Posted By : Amitabh Kumar

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें