गुवाहाटी : 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में भारत को दबदबा बरकरार है. भारत अभी 20 गोल्ड, 8 सिल्वर और 1 कांस्य के साथ पदक तालिका में नंबर पर कायम है. हालांकि कुल पदकों के मामले में श्रीलंका और भारत के बीच टक्कर है. दोनों देशों के 30-30 पदक हैं. भारत के कुल 30 पदक हैं, जबकि श्रीलंका के 5 गोल्ड,15 सिल्वर और 10 कांस्य के साथ कुल 30 पदक हैं. तीसरे नंबर पर बांग्लादेश कुल 14 पदकों के साथ मौजूद है. भारत का भारोत्तोलन,साइकिलिस्टों,तैराकी और कुश्ती में दबदबा कायम है.
12वें दक्षिण एशियाई खेलों में भारत का दबदबा, 21 गोल्ड के साथ नंबर वन पर
गुवाहाटी : 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में भारत को दबदबा बरकरार है. भारत अभी 20 गोल्ड, 8 सिल्वर और 1 कांस्य के साथ पदक तालिका में नंबर पर कायम है. हालांकि कुल पदकों के मामले में श्रीलंका और भारत के बीच टक्कर है. दोनों देशों के 30-30 पदक हैं. भारत के कुल 30 पदक हैं, […]

* भारतीय साइकिलिस्टों ने तीन और पदक जीते
भारतीय साइकिलिस्टों ने आज यहां 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में अपना दबदबा कायम करते हुए एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया. लिडियामोल सन्नी और टोंगब्राम मनोरमा देवी ने साइकिलिंग प्रतिस्पर्धा के दूसरे दिन महिला वर्ग की 40 किमी स्पर्धा में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक प्राप्त किया.
सन्नी ने 30 अंक से पहला स्थान हासिल किया जबकि मनोरमा ने 26 अंक प्राप्त किये जिससे ये दोनों भारतीय लगातार तीसरी बार पहले-दूसरे स्थान पर रहीं. हर प्रतिस्पर्धी को अपनी साइकिल से पांच-पांच किमी के आठ लैप्स पूरे करने होते हैं. प्रत्येक राउंड में समय के अनुसार ही प्रतिस्पर्धी को अंक मिलते हैं और कुल अंकों से विजेता घोषित होता है.
श्रीलंका की सुदारिका प्रियदर्शिनी ने नौ अंक से कांसा जीता. पुरुष वर्ग की 60 किमी क्रिटेरियम स्पर्धा में भारत के पंकज कुमार ने 21 अंक से कांस्य पदक जीता. इसमें श्रीलंका के साइकिलिस्टों ने पहला दूसरा स्थान हासिल किया. जीवन मंजुला जयसिंघे सिल्वा ने 34 अंक से स्वर्ण जबकि नवीन रुचिरा अपुहामी ने 24 अंक से रजत पदक प्राप्त किया. कल भारत ने महिला 30 किमी व्यक्तिगत टाइम ट्रायल और पुरुष 40 किमी व्यक्तिगत टाइम ट्रायल में क्रमश: एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था.
* भारत ने भारोत्तोलन में दो और स्वर्ण पदक जीते
भारत ने आज यहां 12वें दक्षिण एशियाई खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दो और स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले. सरस्वती रावत (महिला 58 किग्रा) और साम्बो लापुंग (पुरुष 69 किग्रा) ने अपने वर्ग में पहला स्थान हासिल किया जिससे भारोत्तोलन में भारत के अब तक पांच स्वर्ण पदक हो गये हैं.
रावत ने 187 किग्रा (स्नैच में 80 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 107 किग्रा से अधिक) का कुल वजन उठाकर आज पहला स्वर्ण हासिल किया. बांग्लादेश की फुलापति चाकम ने 144 किग्रा (63 किग्रा और 81 किग्रा) से रजत जबकि श्रीलंका की मोहिदीन उमेरिया ने 142 किग्रा (61 किग्रा और 81 किग्रा) से कांस्य पदक जीता. लापुंग ने पुरुष 69 किग्रा में करीबी मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया.
स्नैच में पांच किग्रा से पिछड़ रहे लापुंग ने क्लीन एंव जर्क में श्रीलंका के प्रतिद्वंद्वी एम दिसानायके से पांच किग्रा अधिक वजन उठाया जिससे दोनों भारोत्तोलक 281 किग्रा के कुल स्कोर से बराबरी पर थे. लापुंग को स्वर्ण पदक विजेता घोषित किया गया क्योंकि उनका वजन 68.8 किग्रा श्रीलंकाई भारोत्तोलक 69 किग्रा से कम था जिन्होंने रजत पदक हासिल किया. पाकिस्तान के सूफियान अबु ने 275 किग्रा से कांस्य पदक जीता. भारत ने कल प्रतिस्पर्धा के पहले दिन तीन स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले थे.
* वुशु में भारत को एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक
वाई सपना देवी और अंजुल नामदेव ने आज यहां 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में वुशु स्पर्धा में भारत का खाता खोलते हुए क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक जीता. सपना देवी ने दो अन्य पदक विजेताओं को बडे अंतर से पछाड़ा. सपना ने लतिकोर में असम राइफल्स के राइजिंग सन खेल परिसर में महिला ताओलु (चांगक्वान) स्पर्धा में 9 . 45 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया.
नेपाल की सुष्मिता तमांग (8.72 अंक) को रजत जबकि पाकिस्तान की नाजिया परवेज (6.30 अंक) को कांस्य पदक मिला. पुरुष ताओलु (चांगक्वान) स्पर्धा में नामदेव को 8.66 अंक के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. नेपाल के पीएलएच लक्षन (8.86 अंक) को स्वर्ण जबकि उनके हमवतन विजय सिंजाली (8.80 अंक) को रजत पदक मिला.
* भारतीय पुरुष स्क्वाश खिलाडियों को पाकिस्तान ने धूल चटायी
भारत को आज यहां 12वें दक्षिण एशियाई खेलों की स्क्वाश स्पर्धा में निराशा हुई क्योंकि देश के शीर्ष खिलाड़ी सौरव घोषाल और हरिंदर पाल सिंह संधू व्यक्तिगत पुरुष सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाडियों से हार गये.
शीर्ष वरीय घोषाल फार्म में नहीं दिखे और फरहान जमान से 4.11 , 5.11 , 12.10 , 5.11 से हार गये जबकि संधू ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन चौथे गेम में मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उन्होंने मैच प्रतिद्वंद्वी दूसरे वरीय नासिर इकबाल के पक्ष में कर दिया. वह चोट के कारण हटने से पहले 7.11 , 14.12 , 7.11 , 6.6 से पिछड़ रहे थे. यह पता नहीं चला कि संधू कल कांस्य पदक के मैच में घोषाल के खिलाफ खेलने के लिये फिट होंगे या नहीं.
महिलाओं की स्पर्धा में शीर्ष वरीय जोशना चिनप्पा ने सेमीफाइनल में आसानी से पाकिस्तान की सादिया गुल को 11.9 , 11.7 , 11.5 से हरा दिया. अब वह सेमीफाइनल में पाकिस्तान की ही एक अन्य खिलाड़ी से भिडेंगी. उम्मीद के मुताबिक भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में भिड़े, जिससे मुकाबले तनावपूर्ण रहे.
पाकिस्तान ने 2010 के पिछले चरण में पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण और रजत दोनों जीते थे. लेकिन भारतीय खिलाडियों ने यहां से पहले अच्छा प्रदर्शन किया था. घोषाल ने 2014 एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था और वह दुनिया में 20वें नंबर से शीर्ष रैंकिंग पर काबिज एशियाई खिलाड़ी हैं और घरेलू टीम पाकिस्तान के दबदबे को खत्म करने के लिये प्रतिबद्ध है. लेकिन पुरुष खिलाडियों के लिये कुछ भी सही नहीं रहा.