चोटें मेरा पीछा नहीं छोड़ रही, और खिताब जीत सकती थी : साइना

नयी दिल्ली : स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का मानना है कि यह साल उनके कैरियर के लिये बहुत अच्छा रहा लेकिन सिलसिलेवार चोटों के कारण वह और खिताब जीतने से वंचित रह गई. साइना ने कहा ,‘‘ मैं और टूर्नामेंट जीत सकती थी लेकिन पूरे साल चोटों ने मेरा पीछा नहीं छोडा. जब आप […]

नयी दिल्ली : स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का मानना है कि यह साल उनके कैरियर के लिये बहुत अच्छा रहा लेकिन सिलसिलेवार चोटों के कारण वह और खिताब जीतने से वंचित रह गई. साइना ने कहा ,‘‘ मैं और टूर्नामेंट जीत सकती थी लेकिन पूरे साल चोटों ने मेरा पीछा नहीं छोडा.

जब आप फिट होते हैं तो जीत खुद ब खुद मिलती जाती है.” उसने कहा ,‘‘तीन महत्वपूर्ण फाइनल (आल इंग्लैंड, विश्व चैम्पियनशिप और चाइना ओपन) में से मैं तीनों में उपविजेता रही जहां दो में विजेता कैरोलिना (आल इंग्लैंड और विश्व चैम्पियनशिप) थी और तीसरा लि शूरुइ ने जीता.”

साइना ने इस साल सैयद मोदी ग्रां प्री गोल्ड, इंडिया ओपन सुपर सीरिज जीती और विश्व रैंकिंग में पहले स्थान तक पहुंची. वह विश्व चैम्पियनशिप, आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप और चाइना ओपन सुपर सीरिज प्रीमियर में उपविजेता रही. उसने कहा ,‘‘ नंबर वन बनना सबसे संतोषजनक था लेकिन तीन टूर्नामेंटों में उपविजेता रहना बहुत अच्छा नहीं था. यह साल मेरे सर्वश्रेष्ठ में से एक रहा लेकिन मैं और जीत सकती थी अगर मुझे चोटें नहीं लगी होती.

अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में लगभग सभी लडकियां अच्छा प्रदर्शन कर रही है.” साइना इस साल हैदराबाद से बेंगलूर शिफ्ट हो गई ताकि विमल कुमार के साथ अभ्यास कर सके. उसने कहा ,‘‘ मैने बेंगलूर में इस साल विमल सर के साथ खूब अच्छा अभ्यास किया. एक खिलाड़ी की सफलता में शारीरिक फिटनेस, व्यक्तिगत कौशल और सर्वश्रेष्ठ अभ्यास का बहुत योगदान होता है.”

साइना ने कहा ,‘‘ मैने बेंगलूर में अभ्यास का पूरा मजा लिया और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. कोच विमल कुमार ने मेरे प्रदर्शन को निखारने में अहम भूमिका निभाई.” साइना 2011 में बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरिज फाइनल में पहुंची थी. वह नौ दिसंबर से शुरु हो रही दुबई सुपर सीरिज मास्टर्स फाइनल्स में दुनिया की शीर्ष आठ खिलाडियों से खेलेगी जिनमें चीन की लि शूरुइ और स्पेन की कैरोलिना मारिन शामिल है.

यह पूछने पर कि शीर्ष प्रतिस्पर्धियों को लगातार हराना कितना मुश्किल है, साइना ने कहा ,‘‘ खेल ही ऐसा है कि हर बार कोई नया खिलाड़ी उभरता है. इससे पता चलता है कि बैडमिंटन कितनी प्रगति कर रहा है. शीर्ष खिलाडियों से लगातार खेलना मुश्किल है लेकिन इससे मुझे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी.” उसने कहा कि वह पूरी तरह फिट है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती है. उसने कहा ,‘‘ नतीजा देखना रोचक होगा. मैं चोटों से बखूबी उबर रही हूं.”

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