ओलंपिक: फैसले से पहले खिलाड़ी व्याकुल

नयी दिल्ली : भारत का कुश्ती और स्क्वाश समुदाय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के आठ सितंबर को होने वाले मतदान का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसमें 2020 के ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने वाले एक खेल का फैसला किया जायेगा. ब्यूनसआयर्स में आईओसी के 125वें सत्र की महत्वपूर्ण बैठक से पहले शीर्ष पहलवानों और […]

नयी दिल्ली : भारत का कुश्ती और स्क्वाश समुदाय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के आठ सितंबर को होने वाले मतदान का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसमें 2020 के ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने वाले एक खेल का फैसला किया जायेगा.

ब्यूनसआयर्स में आईओसी के 125वें सत्र की महत्वपूर्ण बैठक से पहले शीर्ष पहलवानों और स्क्वाश खिलाडि़यों की व्याकुलता बढ़ गयी है. विश्व संस्था 2020 में होने वाले खेलों के लिए बेसबाल- सॉफ्टबाल, कुश्ती और स्क्वाश में से किसी एक खेल का चयन करेगी.

ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त तथा स्क्वाश खिलाड़ी दीपिका पल्लिकल, जोशना चिनप्पा और सौरव घोषाल उत्साहित हैं लेकन इसके साथ ही उनकी बैचेनी भी बढ़ गयी है.

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील ने कहा, मुझे उम्मीद है कि कुश्ती को ओलंपिक कार्यक्रम में फिर से शामिल कर लिया जाएगा. कुश्ती लोकप्रिय खेल है और वह ओलंपिक में जगह का हकदार है. लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता और सुशील के साथी योगेश्वर दत्त ने कहा कि कुश्ती में नये बदलाव किये गये हैं और इसे दर्शकों के अधिक अनुकूल बनाया गया है.

योगेश्वर ने कहा, कुश्ती ने भारत को ओलंपिक में मजबूत ताकत बनाया है और हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि आईओसी अपने फैसले पर पुनर्विचार करे. मुझे उम्मीद है कि हम फिर से ओलंपिक अभियान का हिस्सा बनेंगे. ओलंपियन गीता फोगाट ने कहा, सभी युवा पहलवान अपने खेल को ओलंपिक में वापस चाहते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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