35वां नेशनल गेम : खिलाड़ियों को भा रहा है केरल का खेल गांव
तिरुवनंतपुरम : 35वें नेशनल गेम के लिए तैयार किया गया खेल गांव देश भर के खिलाड़ियों को खूब पसंद आ रहा है जिसमें केरल की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकों और खिलाड़ियों का स्वागत करते सद्भावना दूत सचिन तेंदुलकर के आदमकद पोस्टरों से घिरे कई झोपड़ीनुमा खूबसूरत घर बने हुए हैं.शहर से लगभग 20 किमी दूर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
तिरुवनंतपुरम : 35वें नेशनल गेम के लिए तैयार किया गया खेल गांव देश भर के खिलाड़ियों को खूब पसंद आ रहा है जिसमें केरल की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकों और खिलाड़ियों का स्वागत करते सद्भावना दूत सचिन तेंदुलकर के आदमकद पोस्टरों से घिरे कई झोपड़ीनुमा खूबसूरत घर बने हुए हैं.शहर से लगभग 20 किमी दूर मेनामकुलम में स्थित खेल गांव में लगभग सभी तरह की सुविधाएं हैं. इनमें बैंक, फिटनेस केंद्र, फूड कोर्ट के आलवा कॉफी पार्लर, आयुर्वेदिक केंद्र और मनोरंजन केंद्र हैं. इसमें कचरा प्रबंधन की शानदार प्रणाली भी है.
खेल गांव के प्रत्येक हिस्से में तेंदुलकर को देखा सकता है. उनके यहां आदमकद पोस्टर लगे हुए हैं जिसमें उन्हें खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए दिखाया गया है.फूड कोर्ट लंबे चौड़े क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें स्थानीय पकवानों के अलावा वहां देश के विभिन्न क्षेत्रों के पकवान भी मिल रहे हैं.
पिछले खेलों तक घटिया सुविधाओं वाले गांव देखने वाले अधिकतर खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों ने खेल गांव की तारीफ की है.असम की ट्राइथलन खिलाड़ी मोराम्मे ने कहा कि खिलाड़ियों के वातानुकूलित कमरे देखकर वह हैरान थी. उन्होंने कहा, मैं वास्तव में खेल गांव में बहुत खुश हूं. मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी हमें इस तरह की सुविधाएं मिलेंगी. यह मेरे दूसरे राष्ट्रीय खेल हैं.
मैंने पहली बार उन खेलों में भाग लिया था जिनकी मेजबानी मेरे गृहराज्य ने की थी. वहां भी खेल गांव अच्छा था लेकिन यहां की सुविधाएं बेहतर हैं. मोराम्मे की तरह कई अन्य खिलाड़ियों ने भी खेल गांव की प्रशंसा की. बीस एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले खेल गांव को तैयार करने में 60 करोड़ रुपये की लागत आयी. इसमें 5000 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था है.