झारखंड की लड़कियों के साथ दुर्व्‍यवहार, एआईएफएफ गंभीर

नयी दिल्ली: झारखंड की युवा आदिवासी खिलाड़ियों के साथ पिछले महीने स्पेन रवाना होने से पहले दुर्व्‍यवहार कीरिपोर्टो’ को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने अपनी महिला समिति से इस घटना का पता करने को कहा है. रांची के बाहरी इलाके एक गांव की 18 लड़कियां स्पेन के विक्टोरिया गास्तिज में […]

नयी दिल्ली: झारखंड की युवा आदिवासी खिलाड़ियों के साथ पिछले महीने स्पेन रवाना होने से पहले दुर्व्‍यवहार कीरिपोर्टो’ को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने अपनी महिला समिति से इस घटना का पता करने को कहा है. रांची के बाहरी इलाके एक गांव की 18 लड़कियां स्पेन के विक्टोरिया गास्तिज में अंडर-14 गास्तिज कप में तीसरे स्थान पर रही. इन आदिवासी लड़कियों ने युवा इंडिया का प्रतिनिधित्व किया जो 30 वर्षीय अमेरिकी फ्रैंज गैस्टलर का गैर सरकारी संगठन है.

रिपोर्टो के अनुसार लड़कियां जब अपने पासपोर्ट के लिये जन्म प्रमाणपत्र लेने के लिये पंचायत कार्यालय गयी तो उनके साथ दुर्व्‍यवहार किया गया. उन पर थप्पड़ मारे गये और उन्हें झाड़ू लगाने के लिये मजबूर किया गया.

एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एआईएफएफ को इस मामले में नहीं घसीटा जाना चाहिए क्योंकि लड़कियां जिस टूर्नामेंट के लिये तैयारियां कर रही थी वह उनके द्वारा मंजूरी प्राप्त नहीं है लेकिन उन्होंने महिला समिति से सचाई का पता लगाने के लिये कहा.

पटेल ने कहा, ‘‘यह एआईएफएफ के खिलाफ द्वेषपूर्ण अभियान है और एआईएफएफ को इसमें घसीटना आधारहीन है. लड़कियों ने जिस टूर्नामेंट भाग लिया उसे हमने मंजूरी नहीं दी है और हम उनकी भागीदारी के बारे में जानते तक नहीं. यह अच्छा है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लिया. मैंने एआईएफएफ महिला समिति से कहा कि वह पता लगाये कि लड़कियों के साथ क्या हुआ था. ’’

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