सख्‍त हुए नियम : झारखंड में खेलना है, तो यहां का आधार जरूरी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दिवाकर सिंह
बाहरी खिलाड़ियों को झारखंड में खेलने से रोकने के लिए उठाया गया कदम
रांची : झारखंड की ओर से खेलने के लिए खिलाड़ी के पास यहां का आधार होना जरूरी है. बाहर के खिलाड़ियों पर पाबंदी लगाने के मकसद से कई खेल संघों सहित झारखंड ओलिंपिक संघ ने यह फैसला लिया है. झारखंड का आधार नहीं होने पर किसी खिलाड़ी को ट्रायल में भी इंट्री नहीं मिल पायेगी. झारखंड एथलेटिक्स संघ, वॉलीबॉल संघ, कुश्ती संघ और हॉकी झारखंड सख्ती से इस नियम का पालन भी कर रहे हैं.खिलाड़ियों को ट्रायल में अन्य दस्तावेजों के अलावा अाधार भी लाने की हिदायत दी जा रही है.
हॉकी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल और कुश्ती के फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि सभी स्टेट अपने यहां के आधार के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करें. इससे ये सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जो खिलाड़ी राज्य की टीम में है, वह उसी राज्य का है. किसी भी बाहरी खिलाड़ी की इंट्री अपने राज्य में नहीं करें. झारखंड ओलिंपिक संघ के महासचिव मधुकांत पाठक ने बताया कि हमने सभी खेल संघों को कहा है कि ट्रायल के समय ही आधार जमा करायें और उसे वेरिफाइ करायें.
विभिन्न खेलों के राष्ट्रीय संघों ने राज्य के संघों को ऐसा करने का दिया है निर्देश
नेशनल गेम्स के समय खेले थे बाहरी खिलाड़ी
रांची में 2011 में हुए 34वें नेशनल गेम्स के समय बाहरी खिलाड़ियों के खेलने का मामला सामने आया था. इस पर काफी हंगामा भी हुआ था, लेकिन इसे साबित नहीं किया जा सका. हालांकि, उस समय आधार नहीं था, जिससे खिलाड़ियों को वेरिफाइ किया जा सके. इसके कुछ साल बाद आधार बनने से झारखंड के खिलाड़ियों को वेरिफाइ किया जाने लगा.
ट्रायल के समय ही हम खिलाड़ी से उसका आधार मांगते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खिलाड़ी झारखंड का ही है. हॉकी इंडिया की ओर से इसकी हिदायत दी गयी है.
भोलानाथ सिंह, प्रेसीडेंट, हॉकी झारखंड
बाहरी खिलाड़ियों को रोकने के लिए यह प्रयास किया गया है. हर खिलाड़ी से आधार मांगा जाता है. उसके बाद ही उन्हें ट्रायल में शामिल होने की इजाजत मिलती है.
रजनीश कुमार,
महासचिव, झारखंड राज्य कुश्ती संघ
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