जोड़ीदार सौरभ के साथ ज्यादा बातचीत नहीं करना ही हमारी जोड़ी की सफलता : मनु भाकर

नयी दिल्ली : युवा निशानेबाज मनु भाकर का मानना है कि अपने जोड़ीदार सौरभ चौधरी के साथ ‘ज्यादा बातचीत नहीं करना’ ही लगातार चार विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने का राज है. मनु की निगाहें 2020 तोक्यो ओलंपिक में पोडियम स्थान हासिल करने पर लगी हैं, वह पहले ही देश के लिए कोटा हासिल […]

नयी दिल्ली : युवा निशानेबाज मनु भाकर का मानना है कि अपने जोड़ीदार सौरभ चौधरी के साथ ‘ज्यादा बातचीत नहीं करना’ ही लगातार चार विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने का राज है. मनु की निगाहें 2020 तोक्यो ओलंपिक में पोडियम स्थान हासिल करने पर लगी हैं, वह पहले ही देश के लिए कोटा हासिल कर चुकी हैं.

सत्रह साल की मनु से जब पिछले हफ्ते रियो दि जिनेरियो में विश्व कप में चौथा मिश्रित स्वर्ण पदक जीतने की सफलता का राज पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम इतने ज्यादा बातचीत नहीं करते. हम दोनों बहुत ही अलग मिजाज के हैं.’ इतना ही नहीं दोनों असफलता से भी नहीं डरते क्योंकि दोनों अपने निजी प्रदर्शन पर ही ध्यान लगाये रखते हैं.

मनु ने कहा, ‘हम इतनी बात नहीं करते. हम सिर्फ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान लगाते हैं. वह मेरे प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता और न ही मै उसके प्रदर्शन के बारे में सोचती हूं. मुझे लगता है कि इससे ही हमें कोई डर नहीं होता और हम अपने लिए निशाना लगाते हैं, शायद इसी वजह से हम अच्छा कर रहे हैं.’

मनु उन 14 भारतीय निशानेबाजों में शामिल रहेंगी जो साल के अंत में होने वाले विश्व कप फाइनल्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे जो चीन के पुतियान में 17 से 23 नवंबर तक खेला जायेगा.

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मुझे विश्व कप फाइनल के लिए नहीं चुना जायेगा, क्योंकि मैंने इस साल कोई भी व्यक्तिगत पदक नहीं जीता. मैंने सारे स्वर्ण सौरभ के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में जीते. इसलिए इसकी उम्मीद नहीं थी लेकिन अब मुझे चुन लिया गया है तो मैं बहुत खुश हूं और विश्व फाइनल्स के लिए अच्छा करने के लिए रोमांचित हूं. मैं अच्छा करने के लिए बड़ी मेहनत करुंगी.

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