146 साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा, टाइम आउट हुए एंजेलो मैथ्यूज, जानें क्या है नियम?

सदीरा समरविक्रम के आउट होने के बाद मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया. उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इस बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया.

श्रीलंका बनाम बांग्लादेश वर्ल्ड कप मुकाबले में एक बड़ा अनोखा रिकॉर्ड बन गया. श्रीलंका के बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज एक भी गेंद खेले बिना आउट हो गए और पवेलियन लौट गए. अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया. कुछ देर तक अंपायर और मैथ्यूज के बीच बहस होती रही, आखिरकार मैथ्यूज को वापस लौटना ही पड़ा. इस विवाद के बाद अचानक सोशल मीडिया में टाइम आउट ट्रेंड करने लगा. तो आइए जानें आखिर क्या है मामला और Timed Out Law क्या है.

अंपायर के एंजेलो मैथ्यूज को क्यों बिना गेंद खेले आउट दिया और पवेलियन लौटने बोल दिया

दरअसल बांग्लादेश के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में सदीरा समरविक्रम के आउट होने के बाद मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया. उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इसमें काफी समय लग गया. इस बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया. मैथ्यूज ने अंपायर और शाकिब से बात की और अपने हेलमेट का टूटा हुआ स्ट्रैप भी दिखाया लेकिन बांग्लादेश के कप्तान ने अपील वापस लेने से इनकार कर दिया और श्रीलंका के बल्लेबाज को वापस लौटना पड़ा.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाउम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने मैथ्यूज

श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज सोमवार को आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ ‘टाइम आउट’ दिए गए और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बन गए.

अंपायर के फैसले पर नाराज दिखे मैथ्यूज

अंपायर के फैसले पर एंजेलो मैथ्यूज काफी नाराज दिखे और उन्होंने बाउंड्री पर अपने हेलमेट का टूटा हुआ स्ट्रैप सभी को दिखाया और फिर गुस्से में इसे जोर से जमीन पर दे मारा.

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सचिन तेंदुलकर के साथ भी हुआ था ऐसा

शाकिब के अपील वापस नहीं लेने से हालांकि क्रिकेट भावना को लेकर सवाल भी उठे हैं. इससे पहले 2006-07 में न्यूजीलैंड्स में एक टेस्ट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन कप्तान ग्रीम स्मिथ ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के खिलाफ ‘टाइम आउट’ की अपील नहीं की थी जबकि वह क्रीज पर देर से पहुंचे थे.

क्या है टाइम आउट नियम?

क्रिकेट के खेल के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के नियम 40.1.1 के अनुसार अगर किसी बल्लेबाज के आउट या रिटायर होने पर अगला बल्लेबाज नियमित समय के भीतर अगली गेंद का सामना नहीं करता है तो उसे टाइम आउट दिया जा सकता है. एमसीसी के नियम के अनुसार, विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के बाद, अगर अंपायर खेल नहीं रोकता है तो आने वाले बल्लेबाज या अन्य बल्लेबाज को विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के तीन मिनट के भीतर अगली गेंद का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अगर यह जरूरत पूरी नहीं होती है तो आने वाले बल्लेबाज को टाउम आउट दिया जाएगा.

मौजूदा वर्ल्ड कप में तीन मिनट के समय को घटाकर दो मिनट किया गया

मैथ्यूज के मामले में हालांकि आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के खेलने के हालात से जुड़ा नियम लागू हुआ जिसमें तीन मिनट के समय को घटाकर दो मिनट किया गया है. विश्व कप 2023 के खेलने के हालात संबंधी नियम 40.1.1 के अनुसार, विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के बाद, अगर अंपायर खेल नहीं रोकता है तो आने वाले बल्लेबाज या अन्य बल्लेबाज को विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के दो मिनट के भीतर अगली गेंद का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अगर यह जरूरत पूरी नहीं होती है तो आने वाले बल्लेबाज को टाउम आउट दिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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