World Cup 2023: दिल्ली और मुंबई में मैचों के दौरान नहीं होगी आतिशबाजी, जानें क्या है कारण

स्टेडियम में हर चौके और छक्के पर जमकर आतिशबाजी भी हो रही है. लेकिन दिल्ली और मुंबई के मैचों में दर्शकों को थोड़ी निराशा हाथ लगेगी. उन्हें चौकों, छक्कों और विकेट गिरने पर आतिशबाजी का आनंद नहीं मिलेगा. बीसीसीआई मुंबई और दिल्ली में आतिशबाजी को मैच के दौरान बैन कर दिया है.

वर्ल्ड कप 2023 में रोमांच चरम पर है. शुरुआती कुछ मैचों में दर्शकों का उत्साह कम दिखा, लेकिन अब सभी मुकाबलों में स्टेडियम में ऑडियंस की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. मौजूदा वर्ल्ड कप में खिलाड़ी भी चौकों और छक्कों से दर्शकों का जमकर मनोरंजन कर रहे हैं, गेंदबाज लगातार अपनी घातक गेंदबाजी से दर्शकों का दिल जीत ले रहे हैं.

स्टेडियम में हर चौके और छक्के पर जमकर आतिशबाजी भी हो रही है. लेकिन दिल्ली और मुंबई के मैचों में दर्शकों को थोड़ी निराशा हाथ लगेगी. उन्हें चौकों, छक्कों और विकेट गिरने पर आतिशबाजी का आनंद नहीं मिलेगा. बीसीसीआई मुंबई और दिल्ली में आतिशबाजी को मैच के दौरान बैन कर दिया है. तो आइये इसके पीछे की वजह को जानें.

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वायु प्रदुषण को देखते हुए बीसीसीआई ने उठाया बड़ा कदम

बीसीसीआई ने दिल्ली और मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण इन दोनों शहरों में विश्व कप मैचों के दौरान आतिशबाजी पर रोक लगा दी है. दिल्ली में एक ही मैच बचा है जब छह नवंबर को श्रीलंका और बांग्लादेश आमने सामने होंगे. मुंबई में दो और सात नवंबर को लीग मैच और 15 नवंबर को सेमीफाइनल होना है.

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने बुधवार को एक बयान में कहा , बीसीसीआई पर्यावरण से जुड़े मसलों को लेकर काफी संवेदनशील है. हमने आईसीसी से बात की है और मुंबई में कोई आतिशबाजी नहीं होगी.

जय शाह ने कहा , बोर्ड हमेशा प्रशंसकों और हितधारकों के हित को सर्वोपरि रखता है. बीसीसीआई का मानना है कि मुंबई और दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है. हम चाहते हैं कि विश्व कप का जश्न त्योहार की तरह मनाया जाये लेकिन स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकता से हम हट नहीं सकते.

दिल्ली में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 372 था जो बदतर की श्रेणी में आता है. बंबई हाई कोर्ट ने भी मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुंबई में एक्यूआई के गिरते स्तर पर चिंता जताई थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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