नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) एकमात्र बोर्ड बना जिसने चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए 25 अप्रैल की समय सीमा तक अपनी टीम घोषित नहीं की जबकि सात अन्य देशों ने टूर्नामेंट के लिए टीमों की घोषणा कर दी है. पाकिस्तान ने भी अपनी टीम घोषित कर दी जो विश्व क्रिकेट की संचालन संस्था को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) एकमात्र बोर्ड बना जिसने चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए 25 अप्रैल की समय सीमा तक अपनी टीम घोषित नहीं की जबकि सात अन्य देशों ने टूर्नामेंट के लिए टीमों की घोषणा कर दी है. पाकिस्तान ने भी अपनी टीम घोषित कर दी जो विश्व क्रिकेट की संचालन संस्था को टीमों की सूची सौंपने का आधिकारिक रुप से अंतिम दिन था.
राजस्व में भारी भरकम कटौती सहित कई मुद्दों को लेकर बीसीसीआई का आईसीसी के साथ टकराव चल रहा है और वह पहले ही ब्रिटेन में एक से 18 जून तक होने वाली इस प्रतियोगिता से हटने की धमकी दे चुका है. भारत गत चैम्पियन है.
हालांकि आईसीसी का संविधान निश्चित परिस्थितियों में देशों को समयसीमा के बाद भी टीम की सूची सौंपने की स्वीकृति देता है. फिलहाल बीसीसीआई टूर्नामेंट से हटने के कड़े कदम के बारे में नहीं सोच रहा लेकिन बेशक टीम की घोषणा नहीं करने को दबाव की रणनीति के रुप में देखा जा रहा है.
देर शाम तक बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर समय सीमा में विस्तार की मांग नहीं की है जिसे कई लोग अवज्ञा के रुप में देख सकते हैं. बीसीसीआई के आला अधिकारियों का मानना है कि टीम का चयन महज औपचारिकता है क्योंकि अधिकांश खिलाडियों की जगह पक्की है.
बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने पूछा,‘‘ मुझे एक बात बताओ कि अगर हम टीम पांच मई को भी घोषित करते हैं तो क्या आईसीसी हमें खेलने से रोकेगा. हमारे पास टीम तय है और नाम का ऐलान करना औपचारिकता मात्र है.’