श्रीलंका ने ‘दो स्तरीय'' टेस्ट प्रस्ताव पर बीसीसीआई के रवैये को सराहा

नयी दिल्ली : उपमहाद्वीप की क्रिकेट टीमों के बीच लंबे समय से चला आ रहा आपसी मेलजोल तब फिर से देखने को मिला जब श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने बीसीसीआई के समर्थन की जमकर तारीफ की जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा प्रस्तावित दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली का खुलकर विरोध किया था. एसएलसी अध्यक्ष तिलंगा सुमतिपाला ने […]

नयी दिल्ली : उपमहाद्वीप की क्रिकेट टीमों के बीच लंबे समय से चला आ रहा आपसी मेलजोल तब फिर से देखने को मिला जब श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने बीसीसीआई के समर्थन की जमकर तारीफ की जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा प्रस्तावित दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली का खुलकर विरोध किया था.

एसएलसी अध्यक्ष तिलंगा सुमतिपाला ने कहा, ‘‘श्रीलंका दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली का आईसीसी में पहले ही अपना विरोध दर्ज कर चुका है क्योंकि इससे निचली रैंकिंग वाली टीमों को कई तरह से नुकसान होगा. श्रीलंका क्रिकेट का मानना है कि दो स्तरीय प्रणाली से कम रैंकिंग वाली टीमों के राजस्व, उनकी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा, दर्शकों की दिलचस्पी और लंबी अवधि के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा. ”

उन्होंने कहा, ‘‘अब बीसीसीआई ने भी इस मसले पर श्रीलंका क्रिकेट का समर्थन किया है क्योंकि वे प्रस्तावित दो स्तरीय प्रणाली से कम रैकिंग वाले देशों पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को समझते हैं. हम बीसीसीआई और उसके अध्यक्ष का दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली का विरोध करने के हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिये आभार व्यक्त करते हैं. ”

श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष ने कम रैंकिंग वाले देशों के हितों की रक्षा के लिये बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के आगे बढ़कर नेतृत्व करने की तारीफ की. ठाकुर साफ कर चुके हैं कि बीसीसीआई सैद्वांतिक तौर पर दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली के खिलाफ हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे कम रैंकिंग वाले देशों को नुकसान होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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