मुंबई : अनुराग ठाकुर आज सर्वसम्मति से बीसीसीआई के दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष जबकि अजय शिर्के उनकी जगह सचिव चुने गये. यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है. ठाकुर अभी 41 साल के हैं. उन्होंने शंशाक मनोहर की जगह ली है जिन्होंने आईसीसी चेयरमैन का पदभार संभालने के लिये इस पद से इस्तीफा दे दिया था.
महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के प्रमुख और व्यवसायी शिर्के उम्मीद के अनुरुप सचिव पद पर चुने गये जो कल ठाकुर के इस्तीफे के बाद खाली हो गया था. बीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीके खन्ना ने विशेष आम बैठक (एसजीएम) की अध्यक्षता की और इस शीर्ष पद के लिये ठाकुर के नाम की घोषणा की. ठाकुर बीसीसीआई के दूसरे युवा अध्यक्ष बने हैं.
पूर्व राजनीतिज्ञ और क्रिकेटर फतेहसिंहराव गायकवाड ने 1963 में 33 साल की उम्र में बोर्ड अध्यक्ष का पद संभाला था और वह 1966 तक इस पद पर रहे थे. गायकवाड उससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष थे. मनोहर महज सात महीने के कार्यकाल के बाद बीसीसीआई के इस शीर्ष पद से हट गये जिस कारण दुनिया की सबसे अमीर और ताकतवर क्रिकेट संस्था के नये प्रमुख के चुनाव करवाने पड़े. बोर्ड ने ठाकुर को अध्यक्ष बनाने के लिये पूरी तरह से एकजुटता दिखायी.
ठाकुर ने सचिव पद से इस्तीफा देने के बाद अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरा और पूर्वी क्षेत्र की सभी छह इकाईयों ने क्षेत्र इकाईयों ने उनके नामांकन पर हस्ताक्षर किये. जिससे उनके बोर्ड के 34वें अध्यक्ष के तौर पर सर्वसम्मति से चुने जाने का रास्ता साफ हुआ.
इस बार अध्यक्ष पद के लिये पूर्वी क्षेत्र का नंबर था और नामांकन के लिये उस क्षेत्र की इकाइयों का समर्थन जरुरी थी. पूर्वी क्षेत्र की सभी छह इकाईयों – बंगाल, असम, त्रिपुरा, झारखंड और ओडिशा के क्रिकेट संघ और राष्ट्रीय क्रिकेट क्लब – ने नामांकन दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये जबकि नियमों के अनुसार सिर्फ एक इकाई के समर्थन से ही अध्यक्ष का नामांकन वैध माना जाता है.
हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर के भाजपा सांसद ठाकुर मुश्किल दौर में बोर्ड का पदभार संभाल रहे हैं क्योंकि बीसीसीआई पर उच्चतम न्यायालय की न्यायमूर्ति आर एम लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने का दबाव बना हुआ है. दिलचस्प बात है कि ठाकुर 1998-99 में राज सिंह डुंगरपुर के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेटर से बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाले पहले व्यक्ति होंगे.
हालांकि महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने थोडे समय के लिये एक अन्य टेस्ट क्रिकेटर शिवलाल यादव के साथ संयुक्त रुप से मिलकर बीसीसीआई अध्यक्ष पद का भार संभाला था, लेकिन यह उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर हुआ था जिसमें उसने तब के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को 2013 आईपीएल सट्टेबाजी और स्पाट फिक्सिंग प्रकरण के कारण अपने पद से अलग हटने को कहा था.
राज सिंह डुंगरपुर ने राजस्थान और तब मध्य भारत के लिये मध्यम गति के गेंदबाज के तौर पर 86 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे और 206 विकेट चटकाये थे. ठाकुर ने 2000-01 सत्र में दायें हाथ के बल्लेबाज और आफ ब्रेक गेंदबाज के तौर पर एकमात्र रणजी ट्राफी मैच में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था.
ठाकुर पूर्वी क्षेत्र द्वारा 2014-2017 के दौरान शीर्ष पद के चुनाव के लिये समर्थन मिलने वाले तीसरे व्यक्ति हैं. श्रीनिवासन के हटने के बाद जगमोहन डालमिया के नाम पर आम सहमति बनी थी, लेकिन पिछले साल उनका निधन हो गया था और मनोहर ने अक्तूबर 2015 से पदभार संभाला था.
