रोहित का दिवाली धमाका, भारत का सीरिज पर कब्‍जा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बेंगलूर: रोहित शर्मा ने दिवाली से पहले आतिशी बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए दोहरा शतक जड़ा लेकिन इसके बावजूद भारत को सातवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में शनिवार को यहां आस्ट्रेलिया को 57 रन से हराने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. भारत श्रृंखला 3-2 से जीतने में सफल रहा.

भारत ने रोहित के 209 रन की मदद से छह विकेट पर 383 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में आस्ट्रेलिया जेम्स फाकनर (73 गेंद में 116 रन, 11 चौके, छह छक्के) के करियर के पहले शतक और क्लाइंट मैकाय (18) के साथ उनकी नौवें विकेट की 115 रन की साझेदारी के बावजूद 45 . 1 ओवर में 326 रन पर ढेर हो गया.

भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने 52 रन देकर तीन जबकि रविंद्र जडेजा ने 73 रन देकर तीन विकेट चटकाए. रविचंद्रन अश्विन ने 51 रन देकर दो विकेट हासिल किए. वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे बल्लेबाज बने रोहित ने 158 गेंद में रिकार्ड 16 छक्के और 12 चौके जड़े. दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (62) के साथ पांचवें विकेट के लिए 15 . 4 ओवर में आस्ट्रेलिया के खिलाफ रिकार्ड 167 रन की साझेदारी की. उन्होंने शिखर धवन (60) के साथ पहले विकेट के लिए 112 और सुरेश रैना के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन भी जोड़े जिससे टीम इंडिया ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया.

रोहित ने अपनी इस पारी के दौरान रिकार्डों की झड़ी लगाई. वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया और भारत के तीसरे बल्लेबाज बने. रोहित से पूर्व भारत के ही वीरेंद्र सहवाग (219) और सचिन तेंदुलकर (नाबाद 200) एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ चुके हैं.

रोहित ने किसी द्विपक्षीय श्रृंखला में सर्वाधिक 491 रन का रिकार्ड भी बनाया. रोहित की यह पारी आस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर है. इस पारी के दौरान उन्होंने इस साल वनडे क्रिकेट में 1000 रन पूरे करके अलावा अपने करियर में 3000 रन भी पूरे किए. उन्होंने एक पारी में सर्वाधिक 16 छक्कों का रिकार्ड भी बनाया. इससे पहले का रिकार्ड आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन के नाम था जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 11 अप्रैल 2011 को ढाका में 15 छक्के मारे थे.

मैच में कुल 38 छक्के लगे जो नया रिकार्ड है. भारत ने 19 जबकि आस्ट्रेलिया ने भी इतने ही छक्के मारे. इससे पहले का रिकार्ड भारत और न्यूजीलैंड के नाम था जिनके बीच 2009 में क्राइस्टचर्च में हुए हुए मुकाबले में 31 छक्के लगे थे. इस बीच भारत के विनय कुमार वनडे क्रिकेट में देश के सबसे महंगे गेंदबाज भी बने. उन्होंने नौ ओवर में 102 रन देकर एक विकेट हासिल किया.

लक्ष्य का पीछा करने उतरे आस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए. शमी ने दूसरे ओवर में ही आरोन फिंच (05) को पगबाधा आउट किया. सलामी बल्लेबाज फिलिप ह्यूज (23) और ब्रैड हैडिन (40) ने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की. अश्विन ने पारी की अपनी पहली ही गेंद पर ह्यूज को मिड विकेट पर युवराज के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा.

आस्ट्रेलिया कप्तान जार्ज बैली (04) इसके बाद निराशाजनक तरीके से रन आउट हुए. बैली ने विनय कुमार की गेंद को डीप मिडविकेट पर खेला. कप्तान दूसरे रन के लिए दौड़ते हुए बीच पिच पर खड़े होकर यह देखने लगे कि गेंदबाजी छोर पर हैडिन रन आउट तो नही हो रहे. विनय कुमार ने इसे भांपते हुए हैडिन को रन आउट करने की कोशिश करने की जगह गेंद विकेटकीपर धोनी के पास फेंकी जिन्होंने बैली को रन आउट कर दिया.

अश्विन ने इसके बाद हैडिन को बोल्ड करके आस्ट्रेलिया को स्कोर चार विकेट पर 74 रन किया. ग्लेन मैक्सवेल (60) ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 18 गेंद में अर्धशतक पूरा करके सबसे तेज अर्धशतक के आस्ट्रेलियाई रिकार्ड की बराबरी की. मोहम्मद शमी ने गेंदबाजी में वापसी करते हुए एडम वोजेस (04) को बोल्ड करके मैक्सवेल के साथ उनकी 58 रन की साङोदारी का अंत किया. इस साङोदारी में मैक्सवेल का योगदान 54 रन का रहा. मैक्सवेल ने विनय कुमार पर अपना पारी का सातवां छक्का जड़ा लेकिन इसी ओवर में गेंद को हवा में लहरा गए और जडेजा ने आसान कैच लपका. मैक्सवेल ने 22 गेंद में तीन चौके और सात छक्के मारे.

शेन वाटसन ने इसके बाद तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंद में छह छक्कों और दो चौकों की मदद से 49 रन बनाए. उन्होंने विनय कुमार पर लगातार तीन छक्के भी जड़े लेकिन जडेजा की गेंद पर शमी को कैच दे बैठे. जेम्स फाकनर ने निचले क्रम में दो जीवनदान का फायदा उठाकर आस्ट्रेलिया की ओर से सबसे तेज शतक जड़ा. वह विनय कुमार के ओवर में लगातार तीन चौके और एक छक्का जड़कर 21 रन जोड़कर 99 रन तक पहुंचे. उन्होंने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 57 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया.

जडेजा ने हालांकि अपने अंतिम ओवर की अंतिम गेंद पर मैकाय को बोल्ड करके फाकनर के साथ 115 रन की उनकी साङोदारी को तोड़ा. फाकनर भी शमी के अगले ओवर की पहली गेंद पर धवन को कैच देकर पवेलियन लौटे और भारत ने रोमांचक जीत दर्ज की. इससे पहले बैली ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया लेकिन रोहित और धवन की सलामी जोड़ी ने मेहमान टीम के गेंदबाजों को शुरुआती सफलता से महरुम रखा.

धवन ने शुरु में ही आक्रामक तेवर दिखाए और मैकाय पर लगातार तीन चौके जड़े. उन्होंने इसके बाद नाथन कोल्टर नील के ओवर में भी तीन चौके मारे और डोहर्टी पर एक रन के साथ 43 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर ग्लेन मैक्सवेल पर चौका जड़कर 16वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया. भारत का स्कोर जब 107 रन था तब बारिश आ गई और खेल रोकना पड़ा. कुछ देर बाद हालांकि बारिश रुक गई और दोबारा खेल शुरु हुआ.

बारिश ने हालांकि धवन की एकाग्रता पर असर डाला और वह दोबारा खेल शुरु होने पर दूसरे ओवर में ही डोहर्टी की गेंद पर पगबाधा हो गए. उन्होंने 57 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके मारे. अगले ओवर में विराट कोहली (00) भी रन आउट होकर पवेलियन लौट गए. रैना (28) भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके. रोहित ने कोल्टर नील पर एक रन के साथ 71 गेंद में अपने पचास रन पूरे किए. उन्होंने इसके बाद मैक्सवेल और डोहर्टी पर दो.दो छक्के मारे. युवराज सिंह (12) ने भी कोल्टर नील की गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया लेकिन फाकनर की गेंद पर विकेटकीपर हैडिन को कैच दे बैठे. रोहित और धोनी ने इसके बाद मोर्चा संभाला. रोहित ने फाकनर पर दो रन के साथ श्रृंखला का अपना दूसरा और करियर का चौथा शतक पूरा किया. भारत हालांकि इस बीच 36 से 40 ओवर में पावर प्ले में 22 रन ही जुटा पाया.

रोहित ने 46वें ओवर में मैकाय पर दो चौके और एक छक्के से 16 रन जुटाकर अपने बल्ले की खामोशी को तोड़ा. उन्होंने अगले ओवर में डोहर्टी पर तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 26 रन जुटाए. दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने मैकाय पर लगातार दो छक्कों के साथ 156 गेंद में दोहरा शतक पूरा किया. वह हालांकि अगली गेंद पर बाउंड्री के समीप स्थानापन्न खिलाड़ी मोइसेस हैनरिक्स को कैच दे बैठे.

धोनी ने भी 35 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट हुए. उन्होंने 38 गेंद में सात चौके और दो छक्के मारे. आस्ट्रेलिया के गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए. मैकाय ने 10 ओवर में एक विकेट चटकाया लेकिन 89 रन खर्च कर डाले. कोल्टर नील ने 80 जबकि जेम्स फाकनर ने 75 रन लुटाए. डोहर्टी ने 74 रन दिए और दो विकेट चटकाकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे.

- शानदार खेल रही हैं टीमें

।। रवि शास्त्री ।।

(पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, भारत)

सीरीज में दोनों टीमें शानदार खेल रही हैं. मिचेल जॉनसन और रवींद्र जडेजा जबरदस्त गेंदबाजी कर रहे हैं, जबकि जॉर्ज बेली और विराट कोहली बल्लेबाजी में परचम लहरा रहे हैं. अभी गेंदबाजों को मौके दिये जाने की जरूरत है. वास्तव में यह बल्ले और गेंद के बीच होनेवाली प्रतिस्पर्धा है. 350 रन अब आसानी से प्राप्त किया जानेवाला लक्ष्य बन गया है. नागपुर में कोहली की काबिलियत दिखी.

कोहली को गेंदबाजी करना अब काफी कठिन हो गया है. एक ओर एक्स्ट्रा कवर से गेंद मारने के लिए वह रूम बनाते हैं, तो उसी तरह की गेंद को मिडविकेट में खेलने के लिए इनसाइड द लाइन आते हैं. उनमें ग्राउंड के साथ शॉट खेलने या उपर से शॉट लेने की अद्भुत क्षमता है. कट और पुल में भी वह काफी माहिर हैं. पिछले एक-डेढ़ वर्ष में वनडे में उनकी पारी काफी सराहनीय रही है.

हमने 383 रन बनाने के बारे में नहीं सोचा था: धोनी

बेंगलूर: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सातवें और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में आज यहां आस्ट्रेलिया को 57 रन से हराकर श्रृंखला 3-2 से जीतने के बाद कहा कि उन्होंने 383 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बारे में नहीं सोचा था.

भारत ने रोहित के 209 रन की मदद से छह विकेट पर 383 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में आस्ट्रेलिया जेम्स फाकनर (73 गेंद में 116 रन, 11 चौके, छह छक्के) के करियर के पहले शतक और क्लाइंट मैकाय (18) के साथ उनकी नौवें विकेट की 115 रन की साझेदारी के बावजूद 45 . 1 ओवर में 326 रन पर ढेर हो गया.

धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘’बल्लेबाजी करते हुए ऐसा समय आया था जब दो.तीन विकेट जल्दी गंवाने के बाद हम दबाव में थे. रन बनाना थोड़ा मुश्किल हो गया था. हम पहले 300 रन तक पहुंचने के बाद तेजी से रन बनाना चाहते थे. हमारे दिमाग में 383 रन नहीं थे लेकिन रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की.’’ भारतीय टीम को जीत दर्ज करने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा और धोनी ने कहा कि उनके गेंदबाजों को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा.

उन्होंने कहा, ‘’हमे अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा और हमें एक टीम के रुप में ऐसा करना होगा. हम गेंदबाजों को दबाव में नहीं लाना चाहते. हमने दो बार आस्ट्रेलिया के खिलाफ 350 रन से अधिक का लक्ष्य हासिल किया लेकिन कोई उनकी गेंदबाजी के बारे में बात नहीं कर रहा.’’

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