रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल ने किया टीम इंडिया को निराश
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे श्रृंखला हारने के बाद से टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठाये जा रहे हैं. जिस तरह से टीम के खिलाडियों ने बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन किया है ऐसा कहीं से नहीं लगता है कि यही वह विश्व विजयी टीम है जिसने 2011 में दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाया था. […]
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे श्रृंखला हारने के बाद से टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठाये जा रहे हैं. जिस तरह से टीम के खिलाडियों ने बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन किया है ऐसा कहीं से नहीं लगता है कि यही वह विश्व विजयी टीम है जिसने 2011 में दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाया था.
2015 में लगातार नौ जीत के साथ सेमिफाइनल तक पहुंचने वाली टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ अपने को बेबस समझ रही है. बांग्लादेशी गेंदबाज लगातार भारतीय बल्लेबाजों पर आक्रमण कर रहे हैं और टीम इंडिया के स्टार अपनी बेबसी का रोना रो रहे हैं.
आईपीएल में तरोताजा दिखने वाले खिलाड़ी मैदान पर निठाल दिखाई पड़ रहे हैं. खिलाडियों के बगल से गेंद चकमा देकर निकल जा रही है और खिलाड़ी हाथ मलते नजर आ रहे हैं. टीम इंडिया में कुछ खिलाडियों की उपयोगिता पर सवाल उठाये जा रहे हैं. लगातार खराब फॉर्म से जुझ रहे ऑलराउंडर रवींद्र जड़ेजा को टीम में शामिल किया जाना सवालों के घेरे में है. वहीं आईपीएल में आग उगलती गेंद फेंकने वाले अक्षर पटेल की गेंद में जैसे पानी डाल दिया गया हो. अक्षर की गेंदों में वह पैनापन नजर नहीं आता है तो आईपीएल के दौरान देखने को मिला.
रवींद्र जडेजा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के पसंदिदा खिलाडियों में से हैं. यही कारण है कि धौनी उन्हें अपने साथ प्रत्येक मैच में रखते हैं. लेकिन रवींद्र जडेजा धौनी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे हैं. पिछले कुछ मैचों में जडेजा के प्रदर्शन को देखा जाए तो उन्होंने काफी निराश किया है. लगातार गिरते प्रदर्शन के बाद भी जडेजा को टीम में शामिल किया जाना संदेह के घेरे में है.
पिछले पांच वनडे मैचों में जडेजा ने एक भी अर्धशतक नहीं लगाये हैं. विश्व कप के तीन मैच और बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों में जडेजा ने कुल 103 रन बनाये हैं. वहीं पांच विकेट लिये हैं. जडेजा को टीम में एक ऑलराउंडर की हैसियत से शामिल किया गया है, लेकिन उनका प्रदर्शन उसके अनुरुप नहीं रहा है. वैसे में उनकी उपयोगिता टीम में सवालों के घेरे में है.