सट्टेबाजों की फेवरेट बनी टीम इंडिया

नयी दिल्ली : गैरकानूनी सट्टेबाजी पर दिल्ली पुलिस की मौजूदा जांच में खुलासा हुआ है कि गत चैम्पियन भारत 2015 क्रिकेट विश्व कप जीतने के लिए सट्टेबाजों की सबसे पसंदीदा टीम है. यह भी पता चला है कि भारत और सहमेजबान ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला सेमीफाइनल सट्टेबाजों के लिए काफी अहम होगा क्योंकि कथित […]

नयी दिल्ली : गैरकानूनी सट्टेबाजी पर दिल्ली पुलिस की मौजूदा जांच में खुलासा हुआ है कि गत चैम्पियन भारत 2015 क्रिकेट विश्व कप जीतने के लिए सट्टेबाजों की सबसे पसंदीदा टीम है. यह भी पता चला है कि भारत और सहमेजबान ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला सेमीफाइनल सट्टेबाजों के लिए काफी अहम होगा क्योंकि कथित तौर पर इससे भारी भरकम राशि जुडी होगी.

विश्व कप के दौरान अवैध सट्टेबाजी की जांच से जुडे एक पुलिस अधिकारी ने बताया, सेमीफाइनल के दौरान सिर्फ भारत में ही हजारों करोड रुपये दांव पर लगे होंगे. मैच के लिए रेट 50-52 तक पहुंच गया है जबकि भारत बांग्लादेश मैच के दौरान यह सिर्फ 16-18 था. कुल मिलाकर सबसे अधिक पैसा भारत के लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने पर लगाया जा रहा है.

भारत को भले ही खिताब जीतने का दावेदार माना जा रहा हो लेकिन सट्टेबाजों का मानना है कि 26 मार्च को सिडनी में होने वाले सेमीफाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया का पलडा थोड़ा भारी होगा. शुरुआती कीमत भी माइकल क्लार्क की टीम में पक्ष में है.

अधिकारी ने बताया, सट्टेबाजों के मुताबिक मैच का रेट ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में 50-52 तय किया गया है. यानी अगर कोई ऑस्ट्रेलिया की जीत पर एक रुपया लगाता है और टीम जीत जाती है जो उसे इसके बदले 50 रुपये मिलेंगे. दूसरी तरफ अगर भारत जीत जाता है तो उसकी जीत पर पैसा लगाने वाले को 52 रुपये मिलेंगे.

पुलिस अधिकारी ने हालांकि कहा कि मैच के आगे बढने के साथ सट्टेबाज रेट बदल देते हैं. विजेता टीम के अलावा मैच की प्रत्येक गेंद, मैच के प्रत्येक चरण पर सट्टा लगाया जाता है. जैसे कि पहले 10 ओवर, पावर प्ले या अंतिम 10 ओवर में कितने रन बनेंगे या कितने विकेट गिरेंगे आदि. इसके अलावा व्यक्तिगत खिलाडियों के प्रदर्शन पर भी सट्टा लगाया जाता है.

अधिकारी ने कहा, प्रत्येक मैच के दौरान सट्टेबाज मुख्य रुप से लगायी (प्रबल दावेदार) और खायी (कमजोर टीम) की पहचान करते हैं. जैसे कि भारत बनाम बांग्लादेश क्वार्टर फाइनल में भारत प्रबल दावेदार और बांग्लादेश कमजोर टीम था. इस मैच के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 57 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जिसने अपने घर में 110 मोबाइल फोन की मदद से कंट्रोल रुम बनाया था और सट्टेबाज को गेंद दर गेंद सट्टेबाजी रेट बता रहा था. अरोपी को यह रेट मुंबई से मिल रहे थे जो दुबई से बताए जा रहे थे.

वह आम लोगों से सट्टा लगवाने वाले सट्टेबाजों ने प्रति लाइन के 3000 रुपये ले रहा था. वह 110 लाइन से प्रति मैच छह लाख रुपये कमा रहा था. दिल्ली पुलिस ने बताया कि विश्व कप के दौरान इस तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसने निगरानी बढा दी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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