पाकिस्तान का लक्ष्य भारत के खिलाफ पहली जीत हासिल करना

सिडनी : चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ एडिलेड में होने वाले विश्व कप के पहले मुकाबले से पूर्व अगर आप पाकिस्तान के किसी खिलाड़ी से बात करेंगे तो वह यही कहेगा कि हम जीतना चाहते हैं. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए 1992 विश्व कप में पहली बार भिडंत से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ पांच […]

सिडनी : चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ एडिलेड में होने वाले विश्व कप के पहले मुकाबले से पूर्व अगर आप पाकिस्तान के किसी खिलाड़ी से बात करेंगे तो वह यही कहेगा कि हम जीतना चाहते हैं. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए 1992 विश्व कप में पहली बार भिडंत से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ पांच मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया है.

कप्तान मिसबाह उल हक ने कहा कि उनकी टीम इस बार इस मिथक को तोड देगी. मिसबाह ने कहा, इतिहास बदलने के लिए हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे. मुझे नहीं पता कि हम वे सभी मैच क्यों हारे. शायद वे सभी टीमें अहम मुकाबले के दबाव से निपटने में विफल रही. पाकिस्तान 1992, 1996, 1999 और 2011 में लक्ष्य का पीछा करते हुए नाकाम रहा जबकि 2003 में भारत ने सेंचुरियन में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की.

लोकप्रिय ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने कहा कि हमेशा पहली बार होता है. मोहाली में 2011 में सेमीफाइनल में भारत के हाथों शिकस्त के दौरान टीम के कप्तान रहे अफरीदी ने कहा, मुझे भरोसा है कि इस बार हम इतिहास बदलेंगे और इस महत्वपूर्ण मैच को जीतेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >