ऑस्ट्रेलिया का ''आत्मविश्वास'' था जिसने 2003 विश्व कप में भारत को हराया : मार्टिन
पर्थ : विश्व कप फाइनल के सफर तक भारत के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पूर्व बल्लेबाज डेमियन मार्टिन ने कहा है कि यह ऑस्ट्रेलिया का ‘आत्मविश्वास’ था जिसने खिताबी मुकाबले में सौरव गांगुली की अगुआई वाली टीम को हराने में मदद की. टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकी पोटिंग (140) […]
पर्थ : विश्व कप फाइनल के सफर तक भारत के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पूर्व बल्लेबाज डेमियन मार्टिन ने कहा है कि यह ऑस्ट्रेलिया का ‘आत्मविश्वास’ था जिसने खिताबी मुकाबले में सौरव गांगुली की अगुआई वाली टीम को हराने में मदद की.
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकी पोटिंग (140) और मार्टिन (88) के बीच तीसरे विकेट की 234 रन की नाबाद साझेदारी की मदद से 359 रन का विशाल स्कोर खडा किया और फिर भारत को 39.2 ओवर में 234 रन पर ढेर कर दिया.
मध्यक्रम के पूर्व बल्लेबाज मार्टिन ने कहा, सभी रोमांचित थे और टीम में फाइनल को लेकर काफी उर्जा थी. यह अच्छा विकेट, अच्छी आउटफील्ड और अच्छे दर्शक थे. हमने अच्छी बल्लेबाजी की और बडा स्कोर खडा किया. यह स्कोर खडा करने के बाद हमें पता था कि भारत दबाव में होगा.
उन्होंने कहा, हमें अपने उपर विश्वास था कि हम भारत को हरा सकते हैं और पहली पारी में बडा स्कोर खडा करने के बाद हमने काम को आधा अंजाम दे दिया था. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ ग्लेन मैकग्रा (53 रन पर तीन विकेट) ने सचिन तेंदुलकर (04) का बेशकीमती विकेट हासिल किया. वीरेंद्र सहवाग (82) और राहुल द्रविड (47) ने कुछ देर संघर्ष किया लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच में हावी रही और इसे आसानी से जीतने में सफल रही.