Yamuna Chhath 2026: ब्रज संस्कृति में यमुना छठ, जिसे यमुना जयंती भी कहा जाता है, अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. यह पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है और मां यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है. वर्ष 2026 में यह पवित्र तिथि 24 मार्च, मंगलवार को पड़ रही है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
यमुना छठ 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुना छठ का व्रत और पूजा षष्ठी तिथि में ही किया जाता है. इस वर्ष षष्ठी तिथि 23 मार्च की शाम 06:38 बजे से शुरू होकर 24 मार्च दोपहर 04:07 बजे तक रहेगी. वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.
पौराणिक महत्व और मान्यताएं
शास्त्रों के अनुसार, यमुना जी सूर्यदेव की पुत्री, यमराज की बहन और भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय मानी जाती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्यदेव की पत्नी संज्ञा उनकी तेजस्विता सहन नहीं कर सकीं, जिसके परिणामस्वरूप यमराज और यमुना (यमी) का जन्म हुआ. यमुना जी को ‘पतित पावनी’ कहा जाता है, जो अपने जल से पापों का नाश कर भक्तों को मोक्ष का मार्ग प्रदान करती हैं. ब्रज क्षेत्र में इस दिन विशेष रूप से यमुना पूजा का आयोजन किया जाता है.
यमुना छठ की पूजा विधि
इस दिन प्रातःकाल उठकर यमुना नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके बाद पूजा सामग्री जैसे फल, फूल, दीपक, अगरबत्ती और प्रसाद तैयार किया जाता है. श्रद्धालु यमुना तट पर जाकर विधिपूर्वक यमुना देवी की पूजा करते हैं और उन्हें फल-फूल अर्पित करते हैं. इसके बाद नदी में दीपदान किया जाता है और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन होता है. अंत में प्रसाद का वितरण कर व्रत का पारण किया जाता है.
