आज बन रहा है 'विष्कुम्भ योग', क्या सच में यह योग जहर की तरह घोलता है बाधाएं या छिपा है इसमें कोई शुभ संकेत

आज 22 अगस्त 2026 को वाशि, आनन्दादि, सुनफा और विष्कुम्भ योग का प्रभाव रहेगा. जानें विष्कुम्भ योग क्या है, इसका शुभ-अशुभ प्रभाव क्या होता है और इस योग में जन्म लेने वाले जातकों का व्यक्तित्व, भाग्य और जीवन कैसा रहता है.

Vishkumbh Yoga 2026: आज यानी 22 अगस्त 2026 शनिवार ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज ग्रहों के गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग और विष्कुम्भ योग का प्रभाव रहेगा. चंद्रमा दोपहर 2:49 बजे के बाद धनु राशि में संचार करेंगे. शनिवार होने से शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए भी दिन विशेष है.

क्या होता है विष्कुम्भ योग?

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 योग बताए गए हैं. सूर्य और चंद्रमा के बीच बनने वाली विशेष कोणीय दूरी के आधार पर इन योगों का निर्माण होता है. हिंदू ज्योतिष में कुछ योगों को शुभ तो कुछ को अशुभ माना गया है. मान्यता है कि शुभ योग में किए गए कार्य अच्छे परिणाम देते हैं, जबकि अशुभ योग में शुरू किए गए काम में बाधाएं आ सकती हैं.

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विष्कुम्भ योग का क्या है प्रभाव?

विष्कुम्भ योग को सामान्यतः अशुभ योगों में गिना जाता है. इसका नाम भी विष यानी जहर से जुड़ा है. जिस तरह विष धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलता है, उसी प्रकार इस योग में किए गए कार्यों का प्रभाव भी प्रतिकूल हो सकता है. इसलिए इस योग के दौरान महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से पहले ज्योतिषीय सलाह लेना उचित माना जाता है.

विष्कुम्भ योग में जन्म लेने वाले जातक

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति रूपवान, भाग्यशाली और आकर्षक व्यक्तित्व वाले हो सकते हैं. ऐसे जातकों को स्त्री, संतान और मित्रों से सुख मिलने की संभावना रहती है. वे स्वतंत्र विचारों वाले और अपने निर्णय स्वयं लेने वाले होते हैं. सांसारिक सुख-सुविधाओं की ओर उनका झुकाव रह सकता है.

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कुछ ज्योतिष विद्वान इस योग में जन्म को अशुभ मानते हैं, जबकि अन्य मतों में इसे अच्छे गुण और भाग्य प्रदान करने वाला बताया गया है. इसलिए जन्मकुंडली के अन्य ग्रहों और योगों को देखकर ही अंतिम फलादेश करना उचित माना जाता है.


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लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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