Skand Shashthi 2026: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की स्कंद षष्ठी 22 अप्रैल 2026, बुधवार को मनाई जाएगी. यह व्रत विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय की उपासना के लिए समर्पित होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान कार्तिकेय अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं.
स्कंद षष्ठी 2026 तिथि और समय
- स्कंद षष्ठी: 22 अप्रैल 2026, बुधवार
- प्रारंभ: 01:21 AM
- समाप्त: 10:47 PM
स्कंद षष्ठी व्रत और पूजा के प्रमुख उपाय
इस दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. घर या मंदिर में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर विधिवत पूजा करें. उन्हें लाल फूल, फल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें.
“ॐ सरवनभवाय नमः” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है. साथ ही, स्कंद पुराण का पाठ या कथा सुनना भी शुभ होता है.
स्कंद षष्ठी पर विशेष उपाय और लाभ
इस दिन जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. बच्चों और विद्यार्थियों को फल या पुस्तक दान करने से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान सुख, विद्या की प्राप्ति और शत्रुओं पर विजय मिलती है. ज्योतिषाचार्य पंडित कमलेश पाठक के अनुसार, स्कंद षष्ठी का व्रत जीवन की बाधाओं को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.
स्कंद षष्ठी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है. इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होते हैं. श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत जीवन को नई दिशा दे सकता है.
