Sita Navami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी या ‘जानकी जयंती’ के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष सीता नवमी 25 अप्रैल 2026, शनिवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था, जिन्हें साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा जी के अनुसार, यदि इस पावन तिथि से पहले घर में कुछ छोटे बदलाव और उपाय किए जाएं, तो घर से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है.
ईशान कोण की सफाई
वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना गया है. सीता नवमी से पहले इस कोने को अच्छी तरह साफ करें. यहां से कबाड़ या भारी सामान हटा दें. इस स्थान पर गंगाजल का छिड़काव करें और नवमी के दिन यहां घी का एक दीपक जलाएं. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है.
मुख्य द्वार पर तोरण
माता सीता के आगमन के प्रतीक स्वरूप घर के मुख्य द्वार को सजाना बहुत शुभ होता है. पर्व से पहले मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं. साथ ही द्वार पर हल्दी और कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं. वास्तु के अनुसार, स्वास्तिक नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है.
नमक के पानी का पोंछा
नकारात्मकता को दूर करने के लिए सीता नवमी से एक दिन पहले पूरे घर में नमक मिले हुए पानी से पोंछा लगाएं. यह घर की ‘वास्तु दोष’ जनित नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और वातावरण को शुद्ध बनाता है.
टूटी हुई मूर्तियां
यदि आपके घर में टूटी हुई मूर्तियां हैं, तो इस पर्व से पहले उन्हें घर से बाहर कर दें. खंडित मूर्तियों को किसी पवित्र पेड़ के नीचे रखा जा सकता है या फिर उन्हें जल में विसर्जित किया जा सकता है.
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